वरिष्ठ अफसरों की जवाबदेही भी तय करें, वित्त मंत्रालय का अल्टीमेटम

  • 50 करोड़ से ऊपर के एनपीएएस एकाउंट्स की जांच करें
  • सीबीआई को भी दें सूचना

नई दिल्ली,

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों (पीएसबीएस) के प्रबंध निदेशकों को बैंक फ्रॉड्स का समय रहते पता लगाने के साथ ही ऐसे मामलों को सीबीआई को देने का निर्देश दिया है.

मंत्रालय का जोर इस बात पर है कि संभावित धोखाधड़ी से बचने के लिए 50 करोड़ रुपये से ऊपर के सभी एनपीए अकाउंट्स की जांच की जाए. पीएमएलए/ फेमा/ एग्जिम उल्लंघनों की जांच के लिए इसमें ईडी/डीआरआई को भी शामिल किया जाए.

मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार के परिचालन और तकनीकी जोखिम से निपटने के लिए ऐक्शन प्लान तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करें.

प्लान के लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई है. फाइनैंशल सर्विसेज सेक्रटरी राजीव कुमार ने एक ट्वीट में कहा कि पीएसबीएस के कार्यकारी निदेशकों और चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर्स से बढ़ते जोखिम से निपटने को तैयारियां पुख्ता करने के लिए ब्लूप्रिंट बनाने को कहा गया है.

इस बीच मुंबई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 11 हजार 400 करोड़ से ज्यादा के घोटाले में आरोपी नीरव मोदी की संपत्ति की जानकारी और उसे सीज करने के लिए 6 देशों को अनुरोध पत्र (एलआर) भेजने की इजाजात दे दी है.

सेक्रटरी राजीव कुमार ने कहा, पीएसबीएस को समय रहते कदम उठाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है.इसके साथ ही ऐसी खामियों/त्रुटियों की पहचान करने को भी कहा गया है जो आगे चलकर बड़ा जोखिम बन सकती हैं. उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक पीएसबीएस को अपने ईडी और ष्टञ्जह्रह्य के साथ एक समूह बनाना होगा और यह ग्रुप मौजूदा व्यवस्था में कमजोरी ढूंढेगा.बैंकों को तुलनात्मक आकलन करना होगा जिससे जोखिम के खतरे को खत्म किया जा सके.

नीरव का 1,300 करोड़ रुपये का एक और फ्रॉड उजागर

पंजाब नैशनल बैंक ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी के 1,322 करोड़ रुपये के एक और फ्रॉड को उजागर किया है. पीएनबी की ओर से सोमवार देर रात स्टॉक एक्सचेंज को नीरव मोदी और उनके बिजनस पार्टनर मेहुल चौकसी की ओर से 204 मिलियन डॉलर यानी 1,322 करोड़ रुपये के एक और फ्रॉड के बारे में जानकारी दी गई.

इस तरह अब तक नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी का फ्रॉड 12,600 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है. अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शंस का आंकड़ा 204 मिलियन डॉलर यानी 12,600 करोड़ रुपये तक हो सकता है.