नयी दिल्ली,   केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत ने आज 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

अदालत ने 2010 के इस मामले पर अपना निर्णय देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। इस मामले में राजा एवं कई अन्य आरोपी थे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले को 1,76,000 करोड़ रुपये का बताया गया था। हालांकि सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में करीब 31,000 करोड़ रुपये के घोटाले का उल्लेख किया था।

2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन के तहत 2010 से पूर्व ‘पहले आओ पहले पाओ’ के तहत आवंटन किया जाता था। इस मामले के सामने आने के बाद इस प्रक्रिया को रद्द करने के साथ ही कई आवंटित लाइसेंस निरस्त किये गये थे। बाद में आवंटन नीलामी के जरिए किया जाने लगा था। 2014 के आम चुनाव में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन बड़ा मुद्दा बना था।

Related Posts: