प्रदेश में भारी वर्षा, कई गांव खाली, सेना लगाई, मुख्यमंत्री ने किया हवाई निरीक्षण

भोपाल, 7 अगस्त. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि मध्यप्रदेश में दो दिन से हो रही मूसलाधार वर्षा से भोपाल, रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, सीहोर,हरदा और देवास जिले के 20 गांव पानी से घिरे हुए है और इस दौरान नौ लोग वर्षाजन्य हादसों के शिकार हो गए हं. सहायता के लिए प्रदेश में सेना की मदद ली जा रही है. लगभग 25 गांव खाली  करा लिए गए है. उधर, मौसम विभाग ने अभी वर्षा का क्रम जारी रहने की भविष्यवाणी की है.

प्रदेश के मुखिया  शिवराजसिंह चौहान ने बाढ प्रभावित इन जिलों का दोपहर में हवाई सर्वेक्षण करने के बाद यहां विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 48 घंटो से हो रही तेज वर्षा के कारण भोपाल, रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, सीहोर, हरदा और देवास जिले में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने से 50 गांव प्रभावित हुए है. इनमें से 20 गांव अभी भी पानी से घिरे हुए और शेष गांवों में पानी कम होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि सुबह से दोपहर तक प्रदेश में वर्षाजन्य हादसों में 9 लोगों की मौत हो गई है. इनमें भोपाल में चार,होशांगाबाद एवं छिंदवाडा में दो दो और सागर में एक व्यक्ति की मौत हुई है. प्रभावित इलाकों में सहायता के लिए सेना के हेलीकाप्टर बुलाये गए है और प्रभावित गांवों में आवश्यकता इन्हें भेज भोजन सामग्री के पैकेट गिराये जायेंगे.

पचौरी ने मांगी  केंद्रीय सहायता

भारी बारिश के बाद ऊपजे बाढ़ के हालात और उससे मची तबाही को देखते हुए प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व रक्षा मंत्री एके एंटोनी से मुलाकात कर केंद्रीय सहायता की मांग की है. श्री पचौरी ने बताया उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए विशेष आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है.   श्री सिंह ने  प्रदेश की बाढ़ पीडि़त जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उचित मदद करने का आश्वासन दिया है. श्री पचौरी ने बताया कि बाढ़ पीडि़त इलाकों में सेना की मदद मुहैया कराने के लिए उन्होंनेे श्री एंटोनी से भी भेंट कर सहायता की मांग की. उन्होंने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत व बचाव कार्य के लिए वहां पर्याप्त सेना के जवानों की जरूरत है. श्री एंटोनी ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पर्याप्त सेना के जवान भेजने का भरोसा दिलाया है.

सोयाबीन फसल को नुकसान

इस बारिश से सोयाबीन की फसलों को नुकसान पहुंचा और इसकी क्षति का आकलन पानी उतरने पर किया जायेगा और इसकी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजी जायेगी. साथ ही राज्य सरकार भी नुकसान की क्षतिपूर्ति का प्रयास कर करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य के झाबुआ और अलीराजपुर जिले को छोडकर शेष सभी जिलो में पर्याप्त वर्षा हुई और यह वर्षा फसलों और बिजली उत्पादन के लिए राहत लेकर आई है.

श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की प्रमुख नर्मदा, तवा और बेतवा नदी में बाढ की स्थिति बनी है, जिससे इनकी सहायक नदी में पानी बढने गांवों में पानी भरा है. तवा बांध और बारना बांध का जलस्तर बढने पर इनके गेट खोल दिए गए है. इससे प्रभावित होने वाले जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है. बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सहायता के लिए भोपाल में बाढ नियंत्रक कक्ष स्थापित किया गया है जिसके टेलीफोन नंबर 2441419 पर संपर्क किया जा सकता है.

दीवार गिरी,  तीन मरे

भोपाल. राजधानी में पिछले तीन रोज से हो रही बारिश से माता मंदिर के पास मैनिट से लगी दुर्गा नगर झुग्गी बस्ती के उपर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान की बाउंड्री वाल मिट्टी धस जाने से गिर गई जिससे हादसे मेंं दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गयी और आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

राजधानी में रविवार से जारी तेज वर्षा के चलते कमला नगर थाना क्षेत्र में माता मंदिर इलाके में दीवार गिरने क बाद बिजली का खंबा पास की झोपडियों पर गिरा जिसमें पांच वर्षीय बालक शिवा सात वर्षीय पंकज और 60 वर्षीय केशरबाई की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को शासकीय जे.पी.अस्पताल में भर्ती कराया गया है.राज्य के अनेक स्थानों पर पिछले करीब 48 घंटों से जारी मूसलाधार वर्षा से कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति के कारण अनेक गांव जलमग्न हो गए हैं और मार्गों पर पुल पुलियाओं पर दो से चार फुट ऊपर पानी बहने से सड़क यातायात ठप हो गया और राजधानी भोपाल में इस हादसे में पास की एक झोपडी के भी चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए.

कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव ने बताया कि इस हादसे के शिकार हुए तीनों मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की तरफ से एक-एक लाख और घायलों को साढे सात..साढे सात हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी. उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को तात्कालिक रूप से दस..दस हजार रूपये की राशि प्रदान की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्षा से कई जिलो में सडके प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि सभी जिलों के प्रशासन को निर्देश दिए है जिन पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है वहां से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाये और ऐसे क्षेत्रों में जिला प्रशासन का अमला तैनात रखे. उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाढ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन के राहत एवं बचाव दलों ने बेहतर काम किया है.

नाले में बालिका बही

सतना. जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में बरसाती नाले के तेज बहाव में बह जाने से एक बालिका की मौत हो गई. सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भडरिया में कल शाम को दस वर्षीय बालिका वंदना साहू की नहाने के दौरान बरसाती नाले के तेज बहाव में डूब गई. उधर, रायसेन जिले में रास्ते बंद हैं, बाढ़ में कुछ लोग फंस गए, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बचाया गया.

नर्मदा में एक बहा

ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के उफान पर आने से इसके तट पर स्थित परशुराम आश्रम में आज पानी भरने से तेज बहाव में एक व्यक्ति बह गया और तीन लोगों को बचा लिया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मांधाता थाना क्षेत्र में ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के परिक्रमा परिक्रमा पथ पर बने परशुराम आश्रम में नदी का जलस्तर कल रात तेजी से बढने से पानी भरने लगा था और सुबह इसकी तल मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गयी. जिससे यहां रह रहे चार लोगों ने किसी तरह आश्रम की छत पर पहुंच कर स्वयं को सुरक्षित किया.

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