कर्नाटक चुनाव के बाद उपभोक्ताओं पर मार

नई दिल्ली,

पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगी आग जल्द ही और भडक़ने वाली है. ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक, यदि सरकारी तेल कंपनियों को कर्नाटक चुनाव से पूर्व की मार्जिन स्थिति में पहुंचना है तो पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति लीटर 4 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है.

दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल 75.32 रुपये प्रति लीटर बिका जो पांच साल में लगभग सर्वाधिक है. डीजल की कीमत में इस सप्ताह अब तक 86 पैसे की तेजी आई है और दिल्ली में गुरुवार को यह प्रति लीटर 66.79 रुपये हो गया.

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, हमारी गणना बताती है कि ऑइल मार्केटिंग कंपनीज (OMCs) को आने वाले सप्ताह में पेट्रोल की खुदरा कीमत प्रति लीटर 3.5-4 रुपये और डीजल 4-4.55 रुपये तक बढ़ाने की जरूरत है, तभी वे 2.7 रुपये लीटर का ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन हासिल कर पाएंगी.

इसमें कहा गया है कि इस बढ़ोतरी का अनुमान रुपये डॉलर की विनिमय दर स्थिर रहने के अनुमान पर आधारित है. पिछले सप्ताह आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज ने कहा था कि वाहन ईंधन का नेट मार्केटिंग मार्जिन 31 पैसे प्रति लीटर के निचले स्तर पर है क्योंकि 24 अप्रैल के बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.

कर्नाटक में चुनाव प्रक्रिया खत्म हो जाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन , हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 19 दिन बाद सोमवार से फिर दैनिक आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमत में संशोधन की शुरुआत कर दी. तब से पेट्रोल 69 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है, इसमें आज हुई 22 पैसे की वृद्धि भी शामिल है.

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