आरटीई के मापदंड का पालन नहीं करने के कारण गिरी गाज

भोपाल,

नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की अनदेखी करना भोपाल के 5 दर्जन से अधिक विद्यालयों को मंहगा पड़ गया.

जिला शिक्षा अधिकारी ने ताबड़तोड़ कार्यवाही में शहर के 63 विद्यालयों की मान्यता रद्द कर दी, गौरतलब है कि भोपाल में संचालित अशासकीय विद्यालयों की नवीन मान्यता व नवीनीकरण हेतु ऑनलाईन आवेदन मांगे गये थे, किन्तु आवेदन में दर्शायी गई जानकारी का भौतिक सत्यापन एवं विद्यालयों का स्थल निरीक्षण किया गया तथा अभिलेखों का परीक्षण भी किये जाने पर विद्यालयों में न्यूनतम शैक्षणिक स्टाफ एवं न्यूनतम प्रशिक्षित शैक्षणिक स्टाफ की पूर्ति एवं मूलभूत आवश्यकताओं जैसें पेयजल सुविधाएं शौचालयों की पृथक-पृथक उपलब्धता एवं विकलांग बच्चों के लिये उपयुक्त शौचालय तथा अग्निशमन यंत्र एवं बाधा रहित सुविधा की उपलब्ध का वास्तिविक रूप से सत्यापन में विद्यालयं मानक एवं मापदण्ड की पूर्ति पर खड़े न होने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल ने जिले की 63 अशासकीय शालाओं की नवीन मान्यता व नवीनीकरण को रद्द कर दिया.

इन स्कूलों की मान्यता रद्द

मदरसा पयाम ए तालीम, मदरसा सिद्वीकी ए अकबर, मदरसा लिटिल स्टार, मदरसा ग्लोबल पब्लिक स्कूल, अलकबीर मदरसा, गीता कान्वेंट मिडिल स्कूल, स्कालर्स अकादमी, मदरसा अदीबा तालीमउल्ल कुरान, मदरसा नसैन्त माध्यमिक, मदरसा बून स्कूल, दीनीयात जिया उल्ल उल्लाम मदरसा, मदरसा नफीस अंजुम चिल्डे्रन एजूकेशन, मदरसा सूफी तालीमउल्ल कुरान, सरस्वती ज्ञान मंदिर, बालक आश्रम, सेन्ट बी.एल.मेमोरियल स्कूल, वैदेही पाठशाला, एम.एम.पब्लिक स्कूल, हिना कान्वेनट स्कूल, मदरसा खाजिदा, नेशनल पब्लिक स्कूल, श्रीराम पब्लिक स्कूल, सेम कान्वेंट स्कूल, होली किडस फाउंडेशन स्कूल, गोल्डन किडस अकादमी, ग्लोबल विजडम कान्वेंट स्कूल, सागर इन्टरनेशनल स्कूल, बेबी कान्वेंट किंडर ग्रेटन एड प्राईमरी स्कूल.

जो विद्यालय मापदण्ड़ो पर खरे नहीं पाये गये उनकी मान्यता रद्द कर दी गई, व उन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को निकटम विद्यालयों में दाखिला कराया जायेगा. ताकि इस कार्यवाही की वजह से उनकी शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े.
-डी. के शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल

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