मंत्रि-परिषद के निर्णय: छठवें वेतनमान में भी की 3 फीसद की बढ़ोत्तरी

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शासकीय सेवको-पेंशनरों-स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक सवंर्ग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों तथा स्थायी कर्मी को देय महंगाई भत्ता-राहत की दर में एक जनवरी 2018 से सातवें वेतनमान में 2 प्रतिशत और छठवें वेतनमान में 3 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया.

महंगाई भत्ते की प्रस्तावित वृद्धि का नगद भुगतान जनवरी 2018 (माह जनवरी 2018 का वेतन माह फरवरी 2018 में देय होगा) से किया जायेगा.

संविदा नियुक्ति नियम में संशोधन

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम 2017 में प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से संशोधन करने का निर्णय लिया है. इसमें नियम 4 (4) स्थापित किया गया इसके द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से विभागीय सेटअप में नियमित स्थापना में स्वीकृत ऐसे पद/पदोन्नति से भरे जाने वाले ऐसे पद जिनकी पूर्ति में अपरिहार्य कारणों से एक वर्ष से अधिक अवधि लगना संभावित हो, के लिए संविदा नियुक्ति बाबत प्रावधान किये गये. संविदा नियुक्ति के मामलों में छानबीन समिति का प्रावधान किया गया है.

समिति की सिफारिश पर प्रकरण मंत्रि-परिषद के आदेशार्थ प्रस्तुत करने के प्रावधान किये गये हैं. सार्वजनिक उपक्रम/निगम मंडल/ आयोग/ विश्वविद्यालय में भी संविदा नियुक्ति के लिए प्रावधान किये गये हैं.

स्मार्ट सिटी मिशन

मंत्रि परिषद ने प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन योजना को पूर्व स्वीकृति अनुसार निरंतर रखने का अनुमोदन दिया. इसके लिए एक स्मार्ट सिटी के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. योजना में भारत सरकार द्वारा 5 वर्षों में 100 करोड़ रूपये प्रति शहर प्रतिवर्ष के मान से 500 करोड़ की राशि प्रत्येक स्मार्ट सिटी शहर को अनुदान के रूप में दी जायेगी और उतनी ही राशि राज्य शासन द्वारा दी जायेगी.

योजना के प्रथम चरण में भोपाल, इन्दौर और जबलपुर, द्वितीय चरण में उज्जैन और ग्वालियर तथा तृतीय चरण में सागर और सतना शहरों का चयन किया गया है. यह योजना 25 जून 2015 में शुरू की गई है. योजना के जरिये प्रदेश के सात शहरों का चयन प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया गया है.

भारिया जनजाति को भी लाभ

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) नियम 1998 के नियम 4-ख में संशोधन कर जिला छिंदवाड़ा एवं सिवनी के भारिया जनजाति के ऐसे आवेदक को जो संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/ चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिए या वनरक्षक (कार्यपालिक) के लिये आवेदन करता है और उस पद के लिये विहित की गई न्यूनतम अर्हता रखता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया अपनाये बिना उक्त पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. पहले यह प्रावधान केवल छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्ड के लिये था.

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