नई दिल्ली, 23 दिसम्बर, नससे. मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में गरीब तबके के लोगों द्वारा फेरी लगाकर या सड़कों के फुटपाथ, गलियों के नुक्कड़ आदि पर अस्थायी स्टाल लगाकर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं का विक्रय कर अपनी जीविका उपार्जन करने वालों के लिए 1053 स्थानों पर हॉकर्स जोन चिन्हित किये गये हैं.

इनमें से 576 स्थानों पर हॉकर्स जोन बनाये जा चुके हैं.  श्री गौर ने नेशनल कन्सलटेशन ऑन स्ट्रीट वेंडर्स कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री गौर ने बताया कि प्रदेश में फेरी वालों को जीविका उपार्जन के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1990 से अतिक्रमण हटाकर हॉकर्स कॉनर बनाये गये हैं. उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस संबंध में विधेयक भी पारित किया गया है. श्री गौर ने बताया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में फेरीवालों का सर्वे एवं परिचय पत्र प्रदान करने का काम किया जा रहा है. अभी तक प्रदेश में सर्वेक्षित 98 हजार 182 फेरीवालों में से 90 हजार 254 को पहचान पत्र जारी किये जा चुके हैं. कार्यक्रम में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री एस.पी.एस. परिहार ने प्रदेश में फेरीवालों के कल्याण के लिए किये जा रहे कार्यों का प्रजेन्टेशन भी दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री कुमारी शैलजा ने की. कार्यक्रम में केन्द्रीय अधिकारियों के साथ ही आन्ध्र प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों के नगरीय प्रशासन मंत्रियों, महापौरों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों ने भाग लिया.

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