चंबल नदी में उफान के कारण टापू पर फंस गए 550 से ज्यादा यात्री

मुरैना : राजस्थान के कैलादेवी मंदिर पर दर्शन के लिए गए श्रद्धालु चंबल नदी में अचानक आए उफान के कारण टापू पर फंस गए। 550 से ज्यादा यात्री और 100 से ज्यादा बाइक राजस्थान के मण्डरायल घाट के पानी से चारों ओर से घिर गए, जिन्हें देर रात चले रेस्क्यू अभियान के बाद मुरैना जिले की टेंटरा थाना पुलिस व राजस्थान की मण्डरायल पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया।

हर साल दशहरा पूजन के बाद श्योपुर जिले के विजयपुर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा करके कैलादेवी मंदिर को जाते हैं। तीन दिन की यात्रा के बाद यह श्रद्धालु सुबह से लौटना शुरू हो गए। तेज बारिश के कारण चंबल नदी के घाटों पर मिट्टी से कीचड़ हो गया। पहर में बारिश थमी और घाटों पर पानी कम हुआ तो यात्रियों को चंबल नदी पार कराने वाला स्टीमर चालू हुआ, जो दो फेरे लगाने के बाद बंद पड़ गया। खराब हुआ स्टीमर मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के अटार घाट पर खड़ा कर दिया गया।

नदी कि दूसरे किनारे पर मण्डरायल घाट पर 550 से ज्यादा यात्री, 100 से ज्यादा बाइकों को लेकर स्टीमर के इंतजार में टापू पर खड़े थे।चंबल नदी में आए उफान के कारण यह टापू शाम 5 बजे पानी से चारों ओर से घिर गया। नदी में पानी बढ़ता देख टापू पर फंसे लोगों में हडकंप मच गया। सूचना मिलने पर टेंटरा थाना प्रभारी जयदीप भदौरिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने खराब हुए स्टीमर को दुरुस्त करवाया और उसके बाद टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।

नव भारत न्यूज

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