नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और विमानन ईंधन के ऊंचे दाम के कारण सस्ते किराए वाली विमानन कंपनी इंडिगो का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शुद्ध घाटा 1,064.3 करोड़ रुपये रहा।
इंडिगो ने बुधवार को एक बयान में कहा कि विदेशी विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण 1,424.6 करोड़ रुपये के नुकसान कर दें तो कंपनी का तिमाही में शुद्ध लाभ 360.3 करोड़ रुपये रहा।
एयरलाइन को वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही में 3,174.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
इंडिगो की 30 जून 2022 को समाप्त हुयी तिमाही में कुल आय वार्षिक आधार पर 310.7 प्रतिशत बढ़कर 13,018.8 करोड़ रुपये रही।
एयरलाइन का आलोच्य तिमाही के दौरान यात्री टिकट राजस्व 400 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,466.9 करोड़ रुपये और सहायक राजस्व 92.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,286.3 करोड़ रुपये था।
इस दौरान इंडिगो का कुल खर्च 122 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,083.1 करोड़ रुपये रहा।
इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोनोजॉय दत्ता ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा।
उन्होंने कहा,’ हमने कंपनी का अब तक का सबसे अधिक राजस्व प्राप्त किया और इसी तरह परिचालन स्तर पर मुनाफा अर्जित किया। हालांकि, ईंधन और विदेशी मुद्रा के कारण लागत पर दबाव ने हमें मजबूत राजस्व प्रदर्शन को शुद्ध लाभ में बदलने से रोका।’
श्री दत्ता ने कहा कि अगली तिमाही में कमजोर मौसम के कारण एयरलाइन की वित्तीय प्रदर्शन के सामने चुनौतियां होंगी, लेकिन लंबी-अवधि के राजस्व का रुझान मजबूत रहेगा।
इंडिगो के पास 30 जून 2022 तक कुल 19,069.4 करोड़ रुपये की नगद थी जिसमें 8,303.7 करोड़ रुपये मुक्त नगद और 10765.7 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित नगद है।