नवीन नगर में संगीतमय रामकथा का चौथा दिन

भोपाल, 18 मई. आज नवीन नगर में रामकथा के चतुर्थ दिवस पर बाल संत कथावाचक शाश्वत महाराज ने राम जन्म प्रसंग सुनाया. इस अवसर पर एक बालक को राम के रुप में सजाकर पालने में झुलाया गया और उपस्थित श्रद्घालु नारियों ने बधाई गाकर नृत्य करते हुए राम जन्मोत्सव का आनंद उठाया.

समिति के आयोजकों में से मनोहरलाल मैथिल, दिलीप सिंह बुंदेला, सुनील गुप्ता, राम कुकरेजा, अन्नू ठाकुर, प्रकाश सोनी, मोहन सिंह ठाकुर ने भगवान राम की आरती की. कथा के दौरान पहले शाश्वत महाराज ने कुम्भकर्ण, विभीषण आदि के जन्म की कथा सुनाई और उनके पापाचारों से पृथ्वी तथा देवों के व्याकुल होने का वर्णन किया. उन्होने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है, पृथ्वी पर अनाचार और अत्याचार बढ़ता है साधु संतो और गौ इत्यादि को दुष्ट राक्षस तथा उनकी ताकतें नुकसान पहुंचाने लगती है तब भगवान का अवतार होता है और रावण जैसे आताताइयों को मारकर भक्तों तथा साधु समाज की रक्षा करते हैं.

राम जन्म के प्रसंग के साथ तुलसीदास द्वारा रामचरित्र मानस में की गई वंदना भये प्रकट कृपाला…. का संगीतमय गायन हुआ जिस पर तालियों की ताल के साथ भक्तों ने नृत्य करते हुए राम जन्म के उत्सव को साकार किया. इस अवसर पर आयोजकों ने आतिशबाजी की व्यवस्था भी की. गुब्बारे छोड़े गये, फटाके चलाए गये, बच्चों में चाकलेट वितरित की गई और भक्तों में मिठाईयों का वितरण किया गया. कल राम विवाह प्रसंग होगा इसमें धूमधाम से भगवान के विवाह की झांकी भी सजाई जायेगी.

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