दिग्विजय के साथ फिर घटना”

उज्जैन, 20 सितंबर. सोमवार की देर रात नागदा रेलवे स्टेशन पर अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा काले झण्डे दिखाए जाने की घटना ने तूल पकड़ लिया है. जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं वहीं झण्डे दिखाए जाने के दौरान कांग्रेसियों ने जमकर भाजपाईयों की पिटाई भी की थी. मामले में भाजयुमो के नगर अध्यक्ष राकेश यादव ने जीआरपी थाने में शिकायती आवेदन दिया है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजयसिंह उज्जैन से सोमवार की रात जयपुर जाने के लिए जयपुर-चैन्नई टे्रन से कुछ कांग्रेसियों के साथ निकले थे, जहां वरिष्ठ कांग्रेसी श्री सिंह को नागदा स्टेशन तक छोडऩे के लिए ट्रेन में साथ में थे वहीं श्री सिंह के स्टेशन से निकलने की खबर पर स्थानीय कांग्रेसी भी नागदा रेलवे स्टेशन पर काफी संख्या में श्री सिंह का स्वागत करने के लिए उपस्थित थे. चूंकि पूर्व में उज्जैन में भी सिंह को काले झण्डे दिखाए जाने के दौरान हुए विवाद ने खासा तूल पकड़ा था इसलिए मंडी पुलिस सहित जीआरपी भी नागदा स्टेशन पर मौजूद थी.

लेकिन मामला शांत देखकर वे भी स्टेशन से हट गए. ट्रेन रूकने के बाद सिंह कांग्रेसियों से मिले और चूंकि टे्रेन जाने का वक्त हो चुका था इसलिए आप कोच में वापस चले गए. अचानक ट्रेन चलती इससे पूर्व भाजयुमो के करीब 10-12 कार्यकर्ता दिग्विजयसिंह मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कोच की तरफ बढ़े ही थे कि कांग्रेसियों ने भी दिग्विजयसिंह जिंदाबाद के नारे शुरू कर दिए. इधर मुर्दाबाद के नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं ने काले झण्डे भी निकाल लिए जिसे देखकर कांग्रेसियों का माथा ठनक गया.

तत्काल नारेबाजी का घटनाक्रम मारपीट में तब्दील हो गया. हालत यह थी कि जितने भी कार्यकर्ता मौके पर थे सभी की बेल्ट तथा डण्डों से जमकर पिटाई की गई. हालत यह थी कि आगे-आगे भाजपाई और पीछे कांग्रेसी भाग रहे थे.

कुछ देर बाद मामला शांत हुआ और मौके पर पुलिस भी पहुंच गई. इस सम्पूर्ण घटना को वरिष्ठ भाजपाईयों ने गंभीरता से लिया है. बताया जा रहा है कि काले झण्डे दिखाने का कोई पूर्व नियोजित कार्यक्रम नहीं था और न ही इसकी वरिष्ठों से अनुमति ली गई थी. फिलहाल जीआरपी थाने ने मामले की जांच शुरू की है.

‘काले झण्डे दिखाने गए कार्यकर्ताओं ने न तो अनुमति ली थी और न ही यह पार्टी की कोई गाइड लाईन थी. यदि संगठन चाहेगा तो कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
धर्मेश जायसवाल
भाजपा मंडल अध्यक्ष नागदा

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