सड़कें सुधरी हालत में दिखें – मुख्यमंत्री

भोपाल,23 सितंबर. सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिये प्रदेश की सभी प्रमुख सड़कों पर मार्ग सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू की जायेगी. प्रदेश के सभी टोल बूथों पर दो-दो एम्बुलेंस तथा क्रेन उपलब्ध रहेंगी. एम्बुलेंस की उपलब्धता को 108 नम्बर की आपात चिकित्सा सेवा से भी जोड़ा जायेगा. टोल बूथों के राजस्व संग्रहण की केन्द्रीयकृत निगरानी की जायेगी.

यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की बैठक में दी गयी. बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास निगम के स्टाफ को अग्रवाल आयोग की अनुशंसा के अनुसार गृह तथा वाहन भत्ता दिया जायेगा. बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वर्षा के दौरान जहाँ कहीं भी सड़कें खराब हुईं हैं उनका सर्वोच्च प्राथमिकता में सुधार किया जाय. बैठक में मुख्य सचिव आर.परशुराम भी मौजूद थे. बैठक में राज्य शासन के आदेशानुसार छठवाँ वेतन आयोग और अग्रवाल वेतन आयोग की अनुशंसाएँ लागू करने और 62 यांत्रिकी कर्मचारियों की नियुक्ति की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई.

बैठक में बताया गया कि राज्य के अंतर्गत 8 राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल 675 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए 4501.37 करोड़ रूपए के कार्य प्रगति पर है. यह भी बताया गया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 को जबलपुर-भोपाल लम्बाई 294.2 किलोमीटर और ब्यावरा-राजस्थान सीमा लंबाई 61 किलोमीटर तक फोर लेन बनाया जा रहा है.

इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग 12ए जबलपुर-मंडला लंबाई 175.5 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग 78 कटनी-शहडोल लंबाई 240 किलोमीटर को टू लेन विथ पेव्ड शोल्डर बनाया जा रहा है.

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