मंगलवारा धर्मसभा में भक्तों की भीड़

भोपाल, 26 दिसम्बर. जैन संत आचार्य विद्यासागर के शिष्य मुनिश्री अनुभव सागर को सुनने सोमवार को मंगलवारा में भारी संख्या में भक्तगण पहुंचे. मुनिश्री ने कहा कि जिन साधनों को तुम रोज एकत्रित कर रहे हो उनसे सुख कभी नहीं मिलेगा. सुख जब भी मिलेगा साधन के माध्यम से मिलेगा. उन्होंने कहा कि मनुष्य बाहर की यात्रा में लगा रहता है जिस दिन अंदर की यात्रा यानि आत्मा को पहचानना शुरू करेगा उस दिन से उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा.

मुनिश्री ने कहा कि संतों के प्रवचन तो आप रोज सुनते है लेकिन क्या कारण है कि अभी तक आपका कल्याण नहीं हुआ. याद रखना शब्द से कभी ज्ञान नहीं होता, ज्ञान जब भी होगा आत्मा की अनुभूति से होगा. प्रवचन कल्याण का साधन कभी नहीं हो सकते है. प्रवचन के माध्यम से आप आत्मा की अनुभूति कर सकते है. उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा के दौरान हम भगवान से जो विनय करते है अथवा जो र्पंिक्तयां पढ़ते है, उनका ही वास्तविक जीवन में पालन शुरू कर दें तो आपके लिये मोक्ष का द्वारा खुल सकता है. प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि धर्म सभा का आगाज प्रमोद जैन हिमांशु दीपप्रज्जवलन किया. धर्म सभा में जाने माने कवि डॉ. नरेंद्र जैन ने कविता पाठ किया. दिगम्बर जैन मंदिर प्रो. कालोनी के अध्यक्ष रविन्द्र जैन पत्रकार ने बताया कि मुनिश्री 28 दिसम्बर की शाम को प्रोफेसर कालोनी जैन मंदिर पहुंचेगे. जहां 29 से 31 दिसम्बर तक प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे मंगल प्रवचन होंगे. एवं दोपहर 3 बजे तत्व चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि नये के पहले दिन मुनिश्री के सानिध्य में प्रोफेसर कालोनी जैन मंदिर में भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन किया गया है. विधान में सामिल होने वालो से मात्र 11 रुपए की राशि ली जायेगी. धर्मशभा का संचालन पंकज प्रधान ने किया एवं अंत में जिनवाणी स्तुति नरेंद्र जैन वंदना ने की. दिगम्बर जैन मंदिर अयोध्या नगर के अध्यक्ष विजय जैन ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट करके उन्हें मंदिर में आनें के लिये आमंत्रित किया.

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