लंदन, 10 अगस्त. लंदन ओलंपिक में भारत के लिए पदकों की बड़ी संभावना वाली कुश्ती प्रतियोगिता के 55 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में देश के अमित कुमार ने आज यहां बड़ा उलटफेर करते हुए ईरान के हसन सबजाली रहीमी को प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में 3-1 से पटखनी देकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की लेकिन 74 किग्रा वर्ग में नरसिंह यादव अपना पहला मुकाबला हार गये.

अमित ने इस जीत के साथ क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है जहां उनकी भिडंत जार्जिया के व्लादीमिर खिन्चेगाश्विली से होगा जिन्होंने बुल्गारिया के मारिनोव वेलिको रादोस्लाव को 3-1 से पराजित किया. महाबली सतपाल के शिष्य अमित ने पहले राउंड में अंतिम सेकेंडों में ईरानी पहलवान को एक अंक दे दिया. इसके बाद दूसरे राउंड में किसी पहलवान ने कोई अंक नहीं जीता और इस राउंड का फैसला क्लींच पोजीशन से हुआ. अमित ने टास जीतने के बाद एक अंक हासिल किया और मुकाबले में 1-1 से बराबरी कर ली. निर्णायक राउंड में दोनों पहलवानों के हिस्से में 1-1 अंक गया लेकिन भारतीय पहलवान ने चूंकि आखिरी अंक जीता था. इसलिए उन्हें इस राउंड का विजेता घोषित किया गया. अमित ने इसके साथ ही क्वार्टरफाइनल में स्थान बना लिया.

दूसरी तरफ महाराष्ट्र के पहलवान नरसिंह की 74 किग्रा वर्ग में अच्छी शुरुआत नहीं हुई और वह अपना पहला मुकाबला कनाडा के मैथ्यू जेंटले से हार गये. नरसिंह ने इस वर्ष मई में हेलसिंकी में अंतिम क्वालीफाइंग टूर्नामेंट से ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था.
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले नरसिंह पहले राउंड में कनाडाई पहलवान को तीन अंक दे बैठे. दूसरा राउंड 1-1 से बराबर छूटा और इसके साथ ही नरसिंह अपना पहला मुकाबला हार गये. नरसिंह की ओलंपिक उम्मीदें अब इस बात पर टिकी रहेंगी कि कनाडाई पहलवान इस वजन वर्ग के फाइनल में पहुंच पाता है या नहीं. भारत की महिला पहलवान गीता फोगाट कल पहले राउंड में हार गयी थी लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी के फाइनल में पहुंचने के कारण उन्हें कांस्य पदक के लिए रेपेचेज में खेलने का मौका मिला था. गीता इस मौके का फायदा नहीं उठा पायी थी और रेपेचेज के पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गयी थीं.

इंडिया-इंडिया से खिलाडिय़ों में सबसे ज्यादा आता है जोश

नई दिल्ली, 10 अगस्त. स्टेडियम में इंडिया-इंडिया की गूंज भारतीय खिलडिय़ों में सबसे ज्यादा जोश पैदा करती है. यह मानना है देश के विभिन्न खेलों के 50 शीर्ष खिलाडिय़ों का जिन्होंने एक सर्वेक्षण में भारत में खेलों के प्रति दर्शकों के समर्थन को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किए थे.

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान अनिल कुंबले, 1983 विश्वकप टीम के सदस्य रोजर बिन्नी, भारतीय टीम में चुने गए लक्ष्मीपति बालाजी, युवा तेज गेंदबाज वरण आरोन, विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक, महिला क्रिकेटर मिताली राज, बैडमिंटन स्टार प्रकाश पादुकोण, पूर्व हाकी कप्तान आशीष बल्लाल, प्रसिद्ध कमेंटेटर हर्षा भोगले और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद सहित देश के जाने-माने 50 खिलाडिय़ों ने भारत में दर्शकों के समर्थन को लेकर टेनविक्स सर्वेक्षण में यह राय व्यक्त की. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों में सिर्फ 14 प्रतिशत मानते हैं कि जब वे हार रहे होते हैं तब भी भारत उनके साथ होता है.

इसकी तुलना में इंग्लैंड में ऐसे 42 प्रतिशत और आस्ट्रेलिया में 36 प्रतिशत लोग हैं. सर्वेक्षण की टेनविक्स रिपोर्ट को दिलीप वेंगसरकर, धनराज पिल्लै, आई एम विजयन, अंजुम चोपड़ा और अश्विनी पोनप्पा जैसे दिग्गज खिलाडिय़ों के पैनल ने जारी किया. इन खिलाडिय़ों ने ‘वन इंडिया वन वायस वन चीयर’ की अपील की.

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