डॉक्टर ने जिसे मृत घोषित किया वह जीवित हो गया

बैतूल,28 दिसम्बर नससे. यहां एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें डाक्टर द्वारा मृत घोषित ग्रामीण व्यक्ति जीवित हो उठा जबकि परिजनों ने उसकी मृत्यु की सूचना पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर दी थी.

आश्चर्यजनक किंतु सत्य घटना जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम फोफल्या निवासी मिश्रीलाल पिता तेजीलाल सोनी उम्र 60 वर्ष के साथ घटित हुई है. मिश्रीलाल ी के परिजनों के मुताबिक लकवा रोग से पीडि़त होने के कारण उसे रविवार को बैतूल के एक निजी अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था. तीन दिनों तक चले उपचार के बाद आज सुबह अस्पताल में परिजनों को यह जानकारी दी गई कि मिश्रीलाल  की नब्ज नहीं चल रही है इसलिए परिजन उसे घर ले जाएं. इसके बाद परिजनों ने अपने सभी रिश्तेदारों को मिश्रीलाल सोनी के दिवंगत हो जाने की सूचना दे दी और उन्हें लेकर ग्राम फोफल्या के लिए रवाना हो गए. मिश्रीलाल के परिजनों ने बताया कि रास्ते में कहीं भी उनके शरीर में कोई हलचल नजर नहीं आ रही थी और गांव में उनके अंतिम संस्कार की समूची तैयारी कर ली गई थी. गांव से करीब पांच किलोमीटर पहले ही ग्राम चिखली के समीप अचानक मिश्रीलाल सोनी के शरीर में हलचल होने लगी और चंदपलों में उन्होंने अपनी आंखें खोल दी. मिश्रीलाल को जीवित पाकर परिजन बेहद हर्षित हो उठे और उन्हें लेकर गांव पहुंचे. मिश्रीलाल सोनी को जीवित अवस्था में देखा तो उसके अंतिम संस्कार के लिये आये सभी रिश्तेदार चकित रह गये. परिजनों के मुताबिक बैतूल के निजी चिकित्सालय के चिकित्सक के द्वारा मिश्रिलाल को मृत घोषित कर दिया था लेकिन वे जीवित थे. परिजनों में चिकित्सक की इस लापरवाही को लेकर बेहद आक्रोश व्याप्त हो गया है.

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