लोकपाल बिल पेश करने को तैयार

नई दिल्ली, 16 दिसंबर. अन्ना हजारे के आर-पार के आंदोलन की चेतावनी और विपक्ष के दबाव के बीच सरकार अगले हफ्ते संसद में लोकपाल बिल पेश कर सकती है.

सूत्रों ने बताया कि सरकार कुछ संशोधन के साथ बिल को संसद में रखेगी. बिल में संशोधन का काम 4 लोगों की कमिटी करेगी. इसमें वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी, होम मिनिस्टर पी. चिदंबरम, कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री नारायण सामी होंगे. सूत्रों ने बताया कि पहले सरकार लोकपाल के मुद्दे राजनीतिक पार्टियों के बीच आम सहमति नहीं बन पाने कारण इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने के मूड में नहीं थी. लेकिन, अन्ना के आंदोलन की लगातार चेतावनी के कारण सरकार बैकफुट पर आ गई है. माना जा रहा है कि अगर बहस के लिए सरकार को समय की कमी पड़ी तो संसद के मौजूदा सत्र को बढ़ाया भी जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि रविवार को कैबिनेट की मीटिंग है. जिसमें यह तय होगा कि स्टैंडिंग कमिटी के बिल में क्या-क्या संशोधन किया जा सकता है. इसके बाद सरकार मंगलवार को संशोधित लोकपाल बिल को संसद में पेश कर सकती है. सरकार को यूपी चुनाव का भी डर सता रहा है. उसे लग रहा है कि अन्ना के आंदोलन का असर यूपी विधानसभा चुनाव पर ना पड़े. गौरतलब है कि यूपी चुनाव को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य के साथ जोड़ा जा रहा है. इसके पहले गुरुवार को अन्ना हजारे ने कहा था कि अगर सरकार ने मौजूदा शीतकालीन सत्र में मजबूत लोकपाल बिल पास नहीं किया, तो वह 27 दिसंबर से अनशन और 1 जनवरी से जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली का मौसम ठीक नहीं रहा तो मुंबई में अनशन करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि फिर भी सरकार नहीं मानी तो हमारे कार्यकर्ता सांसदों के घर के सामने धरना देंगे. साथ ही अन्ना ने कहा कि मैं खुद सोनिया और राहुल के घर के सामने धरना पर बैठूंगा.

आरक्षण का दांव

लोकपाल पर सहयोगी दलों का समर्थन पाने की कोशिश में सरकार एक बड़ा फैसला करने जा रही है. यह फैसला है लोकपाल पैनल में अनुसूचित जाति-जनजाति और ओबीसी के लिए आरक्षण का. बीएसपी, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और लोक जनशक्ति पार्टी की यह एक मुख्य मांग थी. इस बीच, सरकार अन्ना की चुनौती से निपटने के लिए संसद के शीत सत्र को कुछ दिन की छुट्टी के बाद जनवरी के पहले हफ्ते में फिर से बुलाने की तैयारी कर रही है. इस बीच, शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने कहा है कि सरकार इस सत्र में लोकपाल बिल पेश करे. एनसीपी ने मांग की है कि सीबीआई और लोकपाल के बीच समन्वय के लिए एक कमेटी हो. एनसीपी लोकपाल में एससी-एसटी के लिए आरक्षण किए जाने के भी पक्ष में है. वहीं प्रधानमंत्री को कुछ शर्तों के साथ और ग्रुप सी के कर्मचारियों को भी लोकपाल के दायरे में लाने की वकालत एनसीपी कर रही है.

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