मुंबई, 22 सितंबर. भष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे द्वारा भारत में चलाए गए आंदोलन के कायल पाकिस्तान में भी है। सशक्त जन लोकपाल कानून के लिए आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को पाकिस्तान आने का निमंत्रण मिला है। अन्ना ने यह निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है। हालांकि, अभी यात्रा का समय तय नहीं किया गया है।

पाकिस्तान से आए एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार दोपहर अन्ना के गांव रालेगण सिद्धि में उनसे मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्ता न्यायाधीश नासिर असलम जाहिद और पाकिस्तान में ट्रेड यूनियन के नेता करामत अली भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की जनता की तरफ से अन्ना हजारे का अभिनंदन भी किया। प्रतिनिधि मंडल ने अन्ना को बताया कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए भारत में किए गए उनके आंदोलन से न सिर्फ पाकिस्तान, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में इस मुद्दे पर जागरूकता आई है। यहां तक कि इसी आंदोलन से प्रेरित होकर पाकिस्तान के एक व्यापारी रजा जहांगीर अख्तर खान 12 सितंबर से आमरण अनशन कर रहे हैं।

अख्तर खान का अनशन भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए तो है ही, वह पाकिस्तान के रक्षा बजट में कटौती कर समाज कल्याण पर अधिक खर्च की भी मांग कर रहे हैं। करामत अली ने अन्ना को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का प्रतीक बताया और उनसे भारत व पाकिस्तान के गरीब मछुआरों की समस्या पर भी आवाज उठाने का आग्रह किया। इन गरीब मछुआरों को एक-दूसरे की समुद्री सीमाओं में घुसने पर गिरफ्तार किया जाता है। करामत ने अन्ना को पाकिस्तान आने का न्योता भी दिया। पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल के इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि अभी उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य ठीक होते ही वह पाकिस्तान जरूर आना चाहेंगे।

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