मुंबई, 27 दिसंबर. मजबूत लोकपाल के लिए तीन दिवसीय अनशन में हिस्सा लेने आए अन्ना हजारे के समर्थकों का मानना है कि गाधीवादी नेता देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने में कामयाब रहेंगे.

पवई से आईं अश्विनी और आरती ने कहा कि अन्ना जो कहते हैं उससे हम सैद्धातिक रूप से सहमत हैं. इसलिए यहा आना हमारा उनसे समर्थन और सहमति जताने का तरीका है. दोनों यहा रात भर नहीं रुकेंगी लेकिन कल फिर आएंगी. हजारे के समर्थन में कई लोग मुंबई के बाहर से भी आए हैं. जैसे भोपाल से आए मनोहर लाल चौरसिया.  गांधीवादी नेता के साथ अनशन करने वाले चौरसिया का कहना है कि वह मजबूत जनलोकपाल विधेयक के लिए हजारे का समर्थन करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि हजारे सीबीआई और प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाना चाहते हैं. मैं भ्रष्टाचार से त्रस्त हूं. मुझे वकीलों तथा न्यायाधीशों और पुलिस को रिश्वत देनी पड़ी.

जब मैंने अन्ना को सुना तो मुझे लगा कि वह मेरे अनुभव को बयान कर रहे हैं.
हरियाणा से आए विजय पुलस्ते और सत्यनारायण पांचाल, दिल्ली के सुनील आर्य और नानू वर्मा नहीं चाहते कि हजारे राजनीति में प्रवेश करें. पुलस्ते ने कहा कि हम अन्ना के त्याग और समर्पण से प्रभावित हैं. हम केजरीवाल की रणनीति और अन्ना के नेतृत्व में भरोसा रखते हैं. पाचाल ने कहा कि लोगों का संसद से मोहभग हो गया है क्योंकि वह लोकभावना को नहीं समझ रही है.

Related Posts: