शैक्षणिक गुणवत्ता से पता लग सकेगी शिक्षकों की क्षमता: चिटनीस

भोपाल,15 सितंबर. स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा है कि विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों एवं कर्त्तव्यों की जानकारी दी जाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जायेगा. इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता का पता लगाये जाने के लिये प्रतिभा-पर्व का आयोजन किया जायेगा.
इन दोनों आयोजनों की सफलता के लिये उन्होंने अधिक से अधिक जन-भागीदारी लिये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये. स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती चिटनीस आज भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं. इस मौके पर स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री नानाभाऊ मोहोड़, राज्य शिक्षा केन्द्र के आयुक्त मनोज झालानी एवं लोक शिक्षण आयुक्त अशोक वर्णवाल भी मौजूद थे.

स्कूल शिक्षा मंत्री चिटनीस ने कहा कि 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में कर्त्तव्य-पर्व मनाया जायेगा. इन तिथियों के दौरान 25 सितम्बर को पं. दीनदयाल उपाध्याय, 28 सितम्बर को शहीद भगतसिंह एवं 2 अक्टूबर को महात्मा गाँधी एवं लालबहादुर शास्त्री की जयंती पड़ती है. इस दौरान विद्यार्थियों को संविधान के विभिन्न प्रावधानों, शिक्षण-परिसरों को साफ-सुथरा एवं पॉलीथीन मुक्त रखने, देशप्रेम का कर्त्तव्यबोध कराने, घर एवं सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने समेत अनेक मुद्दों की जानकारी दी जायेगी. स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विद्यार्थियों को देशप्रेम की शपथ दिलायेंगे. प्रतिभा-पर्व के दौरान 80 हजार प्रायमरी एवं 28 हजार मिडिल स्कूलों के करीब डेढ़ लाख बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता का मूल्यांकन होगा.

स्कूल शिक्षा मंत्री चिटनीस ने प्रतिभा-पर्व की जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर एवं दिसम्बर माह में कक्षा एक से 8 तक की शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन करने के लिये प्रतिभा-पर्व का आयोजन होगा. प्रतिभा-पर्व का पहला चरण अक्टूबर माह में होगा. इस दौरान विभागीय अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं में जाकर शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन करेंगे. दूसरे चरण में दिसम्बर माह में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जन-प्रतिनिधि 3 दिनों में प्रदेश की समस्त शिक्षण संस्थाओं में पहुँचकर शैक्षणिक उपलब्धियों का मूल्यांकन करेंगे. चिटनीस ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के महकमे के लिये यह एक चुनौती है.

प्रतिभा-पर्व के दौरान 80 हजार प्रायमरी एवं 28 हजार मिडिल स्कूलों में पढऩे वाले करीब डेढ़ करोड़ बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता का पता लगाया जायेगा. यह कार्यक्रम चुनाव प्रक्रिया के समान ही होगा. इसके लिये शैक्षणिक संस्थाओं को सेक्टर एवं जोनल क्षेत्रों में बांटा जायेगा और इसके लिये अधिकारियों के दल गठित किये जायेंगे.

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