विधानसभा चुनाव के दौरान

नई दिल्ली, 26 दिसंबर. बब्बर खालसा इंटरनेशनल [बीकेआइ] की ओर से पंजाब के नेताओं को निशाना बनाने की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है. दिल्ली पुलिस नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन पंजाब पुलिस को इसकी पूरी जानकारी दी है.

दिल्ली पुलिस की मानें तो बब्बर खालसा आतंकी संगठन आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब में नेताओं को निशाना बना सकता है. पुलिस रिमांड में बीकेआइ के सरबप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस और जसविंदर सिंह से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में बैठा संगठन का चीफ वाधवा सिंह साजिश का मास्टरमाइंड है. बीते दिनों दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली के शालीमार बाग इलाके से सरबप्रीत सिंह और उसकी निशानदेही पर पंजाब के रोपड़ से जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में बात सामने आई कि सरबप्रीत को हांगकांग में बीकेआइ सदस्य कुलवीर सिंह ने अंबाला में बाबा राम रहीम, रोपड़ के बाबा प्यारा सिंह और लुधियाना के बाबा आशुतोष को ठिकाने लगाने का काम सौंपा था. इसके लिए जल्द ही सीमा पार पाकिस्तान से रॉकेट लांचर व विस्फोटकों की खेप उन्हें मिलने वाली थी. पिस्तौल व नकली नोटों की खेप भी वाधवा सिंह ने उन्हें अमृतसर में मुहैया कराई थी. सरबप्रीत दिल्ली में शेयर का काम कर रहा था. वह हांगकांग जाकर कुलवीर सिंह से भी मिल चुका था. उसे कुलवीर ने पांच लाख रुपये भी दिए थे. सरबप्रीत को बीकेआइ के लिए नवयुवकों की भर्ती करने का काम सौंपा गया था.

सूत्रों की मानें तो पूछताछ में दोनों आतंकियों ने पंजाब के आधा दर्जन से अधिक ऐसे नेताओं के नाम बताए हैं, जो बीकेआइ के निशाने पर हैं. इन पर पंजाब चुनाव के दौरान हमले की योजना थी. दिल्ली पुलिस मान रही है कि बीकेआइ के और भी सदस्य सक्रिय हो सकते हैं. अंबाला में विस्फोटकों से लदी मिली इंडिका कार के तार भी बब्बर खालसा से जुड़े रहे हैं. कार में जम्मू से आरडीएक्स की खेप लाकर से अंबाला में खड़ी कर दी गई थी. माना जा रहा है कि विस्फोटकों का प्रयोग चुनाव के दौरान नेताओं पर हमले के लिए होना था.

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