राष्ट्रीय बालरंग समारोह का समापन

भोपाल,19 दिसंबर.नभासं. कृष्ण और यशोदा के पास सभी गोपियां मिलने जाती हैं और कहती है कि एक रात के लिए कन्हैया को हमारे साथ रास खेलने के लिए दे दें. सुबह होते ही हम आपका कन्हैया आपको वापस भेज देंगे.

यह अद्भुत नजारा था सोमवार को मानवसंग्रहालय में आयोजित बाल रंग महोत्सव के समापन अवसर पर गुजरात के प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किए गए कानुडा लोकनृत्य का. आकर्षक तथा उत्साह से परिपूर्ण गुजरात के फनकारों ने’ कानुडा’ लोकनृत्य से लोगों का दिल जीत लिया. इस गीत के बोल थे “कानुडो माग्यो दयो ने यशोदा मैया. कानुडो माग्यो दयो.” इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के बालकलाकारों ने हिमाचली नृत्य ठोड़ा प्रस्तुत कर प्राचीनकाल की याद ताजा कर दी. कलाकारों ने बताया कि नृत्य प्राचीनकाल के महाभारत पर आधारित है. कहा जाता है कि प्राचीनकाल में पांडव महाभारत के युद्घ से प्रभावित होकर अज्ञातवास काल में हिमाचल के विभिन्न स्थानों में आए थे. उन्होंने अपने युद्घ कौशल से यहां के जन-मानस को प्रभावित किया था, जिसकी परिणिती है ठोडा नृत्य. यह नृत्य धनुष-बाण का प्रयोग करते हुए पूरे वीर रस के साथ प्रस्तुत किया गया. अगली प्रस्तुति बिहार के दल की थी. जिसमें प्रतिभागियो ने विक्रम बेताल को सूत्र धार बनाते हुऐ बिहार राज्य की संस्कृति और परम्परा को छठ, होली आदि नृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत कर अभिव्यक्त किया. इस के बाद पंजाब का भंागडा नृत्य प्रस्तुत किया गया. जिसके माध्यम से प्रतिभागियों ने बताया कि पंजाबी जहां भी जाते हैं अपने स्वभाव तथा मस्तमौला मिजाज से सबका दिल जीत लेते हैं और माहौल खुशनुमा बना लेते है. पंजाब के इस शानदार भांगड़ा के बाद मध्यप्रदेश का लोकप्रिय लोक नृत्य ‘बधाई’ प्रस्तुत किया गया.

बधाई मध्यप्रदेश के बुदेलखण्ड क्षेत्र में प्रचलित नृत्य है जिसमें बच्चे के जन्म से लेकर जितनी खुशीयाँ आती है उन्है हर्ष और उल्लास के साथ महिलाओं एवं पुरूषो द्वारा हर अवसर पर प्रस्तुत किया जाता है. इस गीत के बोल थे “नैना बांध लागे कहियो हो चोली बांध लागे रहियो हो”. बालरंग के दूसरे और अंतिम दिन आज भी भोपाल के विभिन्न स्कूलों द्वारा विकसित की गयी लघु भारत प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र बनी रही. इस प्रदर्शनी में विभिन्न स्कूलों ने अपने अपने स्टालों में एक एक राज्य की सांस्कृतिक छटा प्रदर्शित की.

यह रहे विजेता

प्रथम छत्तीसगढ़   15 हजार रुपये एवं ट्राफी
द्वितीय पंजाब 11 हजार रुपये एवं ट्राफी
तृतीय गुजरात  7 हजार रुपये एवं ट्राफी
(महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, गोवा तथा मध्यप्रदेश के दलों को सांत्वना पुरूस्कार के रूप में प्रत्येक को पांच-पाचं हजार रुपए की राशि एवं प्रमाण पत्र दिये गये)

Related Posts: