भोपाल, 2 मई, नभासं. मध्यप्रदेश में बारदानों को लेकर सियासत गरमा गई है. किसानों से गेहूं खरीदी में गड़बड़ी का कांग्रेस आरोप लगा रही है.उसका कहना है इससे राज्य का किसान उस समय बहुत परेशान है जब उसे पैसे की सख्त जरूरत है.

लेकिन मप्र सरकार किसानों के हित में काम करने के बजाय केन्द्र सरकार पर दोषारोपण कर गेहूं खरीदी में समय पर बारदाने की आपूर्ति न किये जाने का आरोप लगाने की राजनीति कर रही है. इतना ही नहीं विज्ञापन से किसानों को भ्रमित किया जा रहा है .यह कहना है कांतिलाल भूरिया का. जिन के कंधों पर पार्टी ने पार्टी ने वर्ष 2013 में राज्य में सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है.

भूरिया ने कहा कि आलाकमान के स्तर पर तथा केन्द्र के मंत्रियों से इस विषय पर चर्चा हुई है कि मध्यप्रदेश के किसानों को गेहूं खरीदी के मुद्दे पर केन्द्र सरकार से दिये जा रहे सहयोग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए. इससे किसानों का भ्रम दूर होगा. भूरिया ने बताया कि किसानों के भ्रम को दूर करने तथा जबावी कार्रवाई के लिए केंद्र विज्ञापन का जवाब विज्ञापन के जरिए देगा. उन्होंने बताया विज्ञापन बारदाने की वस्तुस्थिति तथा केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार को अभी तक दी गई सहायता पर केन्द्रित रहेगा.

भूरिया ने बताया कि किसानों से गेहूं खरीदी तत्काल हो इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी का चार मई को प्रदेश की मंडियों और खरीदी केन्द्र पर एक दिवसीय धरना होगा. यह धरना सरकार को होश में लाने के लिए किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस धरने में प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता जो सांसद है वे लोकसभा क्षेत्र में और जो विधायक हैं वो अपने विधानसभा क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे. भूरिया ने बताया कि वे तथा मप्र विधानसभ में नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह चार मई को इस धरने में धामनोद जिला धार में उपस्थित रहेंगे.

महेश्वर की तैयारी पूरी-भूरिया ने कहा कि अगर महेश्वर विधानसभा उपचुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग नहीं हुआ तो निश्चित ही कांग्रेस का उम्मीदार उपचुनाव में विजयी होगा. उन्होंने कहा कि वैसे तो उपचुनाव सरकार लड़ती है. लेकिन फिर भी कांग्रेस मजबूती के साथ उपचुनाव में उतरेगी और बीजेपी उम्मीदवार को परास्त कर कांग्रेस की परंपरागत सीट को बचा सकेंगे. भूरिया ने कहा कि राज्य के राजनीतिक हालातों से राहुल गांधी लगातार अवगत हो रहे हैं.जबकि उन्होंने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी से ध्यान केन्द्रित करना शुरु कर दिया हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ संभागों के आदिवासी नेता व विधायकों से राहुल गांधी ने क्षेत्र की समस्याएं और ताजा राजनीतिक हालातों पर चर्चा की है. प्रदेश के सभी क्षेत्रों के नेताओं से चर्चा पूरी  हो जाने पर वह प्रदेशाध्यक्ष कांतिलाल भूरिया से प्रदेश के ताजा राजनीतिक हालात और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे.

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