भोपाल, 19 दिसंबर.नभासं. गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने भोपाल और इन्दौर शहर के यातायात प्रबंधन को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिये आज यहां पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में दोनों शहरों के पुलिस तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया. बैठक में नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर तथा भोपाल नगर निगम की महापौर कृष्णा गौर और इन्दौर नगर निगम के महापौर कृष्ण मुरारी मोघे भी शामिल हुये.

गृह मंत्री गुप्ता और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री गौर ने बैठक में दोनों शहरों के लिये क्रमश: 50-50 करोड़ रुपये की यातायात प्रबंधन योजना पर सैद्घांतिक सहमति व्यक्त करते हुये अपनी मंजूरी प्रदान की. गुप्ता ने भोपाल और इंदौर के नगर निगम महापौर से अनुरोध किया कि अपने-अपने कार्य क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की योजना को कारगर तरीके से क्रियान्वित करने के लिये स्थानीय कमेटी का गठन करें. इस कमेटी में पुलिस, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक रूप से शामिल करें. गुप्ता ने बताया कि यह कमेटी अपने शहर के यातायात प्रबंधन की योजना को चरणवार पूरा करायेगी. साथ ही इस योजना में जनसहयोग से आर्थिक मदद प्राप्त करने की संभावनायें भी तलाशेगी. बैंगलोर से यातायात प्रबंधन का अध्ययन कर लौटे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व्ही.के. ङ्क्षसह ने बैठक में पॉवर प्रोजेक्शन के माध्यम से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुये बताया कि यातायात प्रबंधन की प्रस्तावित योजना के तहत इंदौर और भोपाल शहर में ट्रैफिक पुलिस का अमला पूर्णत: अलग होगा.

दोनों शहरों में यातायात प्रबंधन के लिये पूर्ण कालिक पुलिस अधीक्षक अलग से होंगे. दोनों जिलों में दस-दस ट्रैफिक पुलिस थानों की स्थापना की जायेगी जिनमें विभिन्न पदों के 80-80 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. ङ्क्षसह ने बताया कि इस योजना के तहत दोनों जिलों में आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित एक-एक ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनाया जायेगा जिससे शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर लगाये जाने वाले कैमरे जुड़े रहेंगे. ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को पीडीए (पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट) उपकरण दिये जायेंगे. ट्रैफिक पुलिस में तैनात पुलिस कर्मियों के लिये पृथक से प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया जायेगा. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सिंह ने जानकारी दी कि इस प्रस्तावित योजना के कारगर क्रियान्वयन के लिये व्यवसायिक विशेषज्ञ के रूप में सॉफ्टवेयर साल्यूशन प्रोवाईडर और ट्रैफिक इंजीनियर्स की सेवायें ली जायेंगी. उन्होंने बताया कि इन दोनों शहरों में यातायात प्रबंधन की मानिटरिंग के लिये ट्रैफिक कोर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जायेगा जिसमें नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, टेलीफोन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के स्थानीय अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग अशोक दास ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्यन के लिये यह भी जरूरी होगा कि हर विभाग अपना-अपना कार्य पूरी ईमानदारी और तत्परता से करे. इस कार्य में धन की कमी नहीं आने दी जायेगी. पुलिस महानिदेशक एस.के. राउत ने बेहतर यातायात प्रबंधन के लिये पारदर्शी नीति की आवश्यकता बताई. प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एस.पी.एस. परिहार ने बताया कि विभिन्न शहरों में यातायात प्रबंधन को सुधारने के लिये राज्य स्तर पर भी कमेटी का गठन किया जा रहा है. राज्य स्तरीय कमेटी की तर्ज पर ही शहरों की यातायात कमेटी का गठन जनोपयोगी होगा. इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. बी. मारिया कुमार, पुलिस महानिरीक्षक यातायात के.एल. मीणा और भोपाल तथा इंदौर संभाग के वरिष्ठï पुलिस अधिकारी, जिला कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर भी उपस्थित थे.

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