प्रतिवेदन छ: महीने में प्रस्तुत होगा,  भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना की लागत 8000 करोड़ आएगी

भोपाल, 20 दिसंबर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भोपाल एवं इंदौर शहरों के लिये मेट्रो रेल सेवा शुरू करने के लिये दिल्ली मेट्रो रेल निगम से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने का आग्रह किया. भोपाल एवं इंदौर शहरों की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुये मेट्रो रेल सुविधा आवश्यक हो गयी है. भारत सरकार ने 20 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले महानगरों में मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की आवश्यकता बताई है.

दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रबंध संचालक मंगूसिंह और कार्यपालन निदेशक एस.डी.शर्मा ने आज मंत्रालय में महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना के लिये तैयार किये गये प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के बिन्दुओं पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की तथा परियोजना के विभिन्न तकनीकी पक्षों पर प्रस्तुतीकरण दिया. मुख्यमंत्री ने दोनों शहरों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव और नागरिकों के लिये बेहतर यातायात सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए डीएमआरसी को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने को कहा. भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना पर अनुमानित लागत 8000 करोड़ रूपये और इंदौर में करीब 8500 करोड़ लागत आएगी. मुख्यमंत्री ने 6 महिनों के भीतर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का अनुरोध करते हुए भोपाल में एयरपोर्ट से मिसरोद तक मेट्रो रेल सेवा के संबंध में प्रारंभिक प्रतिवेदन भी साथ में तैयार करने को कहा. भोपाल शहर के लिये तीन कोरीडोर प्रस्तावित हैं. कपिला नगर से हबीबगंज तक 10.5 किलो मीटर के कोरीडोर में दस स्टेशन होंगे. दूसरा कोरीडोर सुरूचि नगर से भेल तक 9 किलो मीटर होगा इसमें 9 स्टेशन होंगे. तीसरा कोरीडोर लालघाटी से प्लेटिनम प्लाजा तक 9 किलो मीटर का होगा जिसमें कुल 9 स्टेशन होंगे. इस प्रकार कुल 28.5 किलो मीटर कोरीडोर में 28 स्टेशन प्रस्तावित किये गये हैं. पहला कोरीडोर कपिला नगर, डी.आई.जी., चौक, शाहजहाँनाबाद, ऐशबाग, पुल बोगदा, एम.पी.नगर, गौतम नगर और हबीबगंज तक होगा. दूसरा कोरीडोर सुरूचि नगर, टी.टी.नगर, पुराना विधान भवन, पुल बोगदा, जे.एच.मार्ग और भेल तक और तीसरा कोरीडोर लाल घाटी, ईदगाह हिल्स, पान बाजार, मोती मस्जिद, कमला पार्क, न्यू मार्केट, साउथ टी.टी.नगर और प्लेटिनम प्लाजा तक होगा. प्रस्तुतीकरण में कहा गया कि 4 लाख नागरिक मेट्रो रेल सेवा का लाभ लेंगे और प्रतिदिन अनुमानित 44 लाख राजस्व मिलेगा.

इसी प्रकार इंदौर में भी प्रस्तावित मेट्रो रेल सेवा के तीन कोरीडोर प्रस्तावित हैं. पहला कोरीडोर अन्नपूर्णा से सुखालिया 8.9 किलो मीटर का होगा. दूसरा कोरीडोर एम.आर.10 से रिंग रोड तक 11.79 किलो मीटर का होगा. तीसरा कोरीडोर निरंजनपुर से भंवरकुआ तक 11.47 किलो मीटर का होगा. कुल लम्बाई 32.16 किलोमीटर होगी. प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि भोपाल शहर की जनसंख्या 3.03 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है इसके अनुसार 2016 में भोपाल शहर की 21.68 लाख हो जायेगी और 2021 में 24.54 लाख हो जायेगी. भोपाल शहर में 21 सड़कों पर नागरिकों के आवागमन और वाहनों के उपयोग का अध्ययन किया गया है. मेट्रो रेल सेवा से शहर के यातायात पर दबाव कम होगा. वायु और ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी. यातायात का समय भी बचेगा और सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी, साथ ही मेट्रो रेल सेवा पर किये गये निवेश का लाभ सीधे नागरिकों को मिलेगा. प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि परियोजना लागत के लिये भारत सरकार राज्य के अपने संसाधन एवं ए.डी.बी., जे.बी.आई.सी जैसी ऋणदाता संस्थाओं से ऋण उपलब्ध हो सकता है.

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