नई दिल्ली, 7 दिसंबर. भाजपा के युवा तुर्क वरूण गांधी की बेरूखी से पार्टी रणनीतिकार सकते में है. पार्टी रणनीतिकारों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों से पूर्ववत दूरी बनाये रखी है. हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता दावा कर रहे हैं कि उन्हें उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले मना लिया जाएगा.

सूत्रो की मानें तो वरूण ने लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह व कलराज मिश्र की यात्राओं से तो दूरी बनाए रखी ही थी लेकिन अब वे पार्टी के किसी कार्यक्रम में शिरकत करने से भी परहेज करने लगे हैं. सूत्रो ने बताया कि वरूण की इसी बेरूखी के कारण पार्टी को उनके जगह पर युवा इकाई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को प्रदेश में भी जिम्मेदारी सौंपनी पड़ रही है.

वरूण की बेरूखी पर पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अगर उनकी बेरूखी उत्तरप्रदेश के चुनाव तक जारी रही तो पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि वे अपने संसदीय क्षेत्र के अलावा आस-पास के करीब 25 सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं. सूत्रों ने बताया कि एक तरफ तो प्रदेश में पार्टी के खिलाफ यह दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है कि प्रदेश पर भाजपा बाहरी नेताओं को थोप रही है. ऐसे में वरूण की बेरूखी पार्टी का बंटाधार कर सकती है. हालांकि पार्टी रणनीतिकारों को विश्वास है कि उन्हें देर-सबेर मना लिया जाएगा. पार्टी के एक वरिष्ठï नेता ने स्वीकार किया कि वरूण पार्टी से नाराज हैं. उक्त नेता ने कहा कि वरूण की नाराजगी को जल्दी ही दूर कर लिया जाएगा. पार्टी सूत्रो के मुताबिक वरूण से एक वरिष्ठï नेता ने भी इस संबंध में बात की है.

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