नई दिल्ली, 26 दिसंबर. यूपी में चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही बीजेपी में हलचल तेज हो गई है. पार्टी ने उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. वह 29 दिसंबर को होने वाली बैठक में बाकी 260 सीटों में से लगभग 240 के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने की तैयारी कर रही है.

बीजेपी की राय है कि जेडीयू के लिए 15 से 20 सीटें छोड़ी जाएं. जेडीयू से बातचीत चल रही है. अगर 29 दिसंबर से पहले सहमति बन गई तो पार्टी जेडीयू के लिए तय सीटें छोड़कर बाकी सभी पर उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी. बीजेपी की रणनीति यूपी में हर चरण में अलग – अलग मुद्दे उठाने की है. पार्टी नेता 27 और 28 को ज्यादातर सीटों पर प्रदेश स्तर पर नाम फाइनल करके 29 दिसंबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में रख देंगे , ताकि वहां नामों पर मुहर लगकर उम्मीदवारों का ऐलान किया जा सके. पार्टी सूत्रों का कहना है कि रणनीति भी चरणों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है. मसलन , अगर मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव हो रहे हों तो वहां मुस्लिम आरक्षण का ज्यादा विरोध न किया जाए. मुसलमानों को यह समझाने की कोशिश की जाए कि आरक्षण देकर कांग्रेस उन्हें ठगने की कोशिश कर रही है. सबसे अंतिम चरण में पश्चिमी यूपी की ज्यादातर सीटों पर चुनाव होगा. ऐसे में जमीन अधिग्रहण मुख्य मुद्दा बनाया जाए. कॉमन मुद्दे भी तय किए गए हैं. मसलन , चुनाव को यूपीए बनाम एनडीए बनाते हुए यह कोशिश की जाए कि कांग्रेस , एसपी और बीएसपी का आपस में गठबंधन है , ताकि मौजूदा राज्य सरकार की कमियों का ठीकरा इन पर फोड़ा जाए. बीजेपी हिंदू बहुल सीटों पर मुस्लिम आरक्षण कार्ड का हवाला देकर उन्हें समझाने की कोशिश करेगी कि कांग्रेस सांप्रदायिक कार्ड खेल रही है.

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