नयी दिल्ली, 17 नवंबर, नससे. सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने लोकपाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार मजबूत लोकपाल लाने को लेकर दृढ़संकल्प है. विज्ञापन सामग्रियों के स्व-नियमन को मजबूत बनाने के विषय पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान अंबिका ने कहा कि लोकपाल को लेकर कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही हैं, लेकिन आप इन पर ध्यान नहीं दे.

प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह मजबूत लोकपाल चाहते हैं और सरकार इसे लाने को लेकर कृतसंकल्प हैं. उनसे यह पूछा गया था कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि सरकार न्यायपालिका समेत अन्य क्षेत्रों पर जवाबदेही तय करने के लिए अलग-अलग विधेयक लाकर मजबूत लोकपाल की धारणा को कमजोर कर रही रही है. उल्लेखनीय है कि सरकार न्यायपालिका पर जवाबदेही तय करने के लिए ज्यूडिशियल एकाउंटेबिलिटी बिल ला रही है जबकि अन्ना की टीम चाहती थी कि यह लोकपाल का ही हिस्सा हो. उन्होंने कहा, लोकपाल विधेयक अभी संसद की स्थायी समिति के पास है. समिति जो रिपोर्ट देगी, मंत्रिमंडल उस पर विचार करेगा, लेकिन अभी से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत होगा. लोकपाल के मसौदे पर कानून और न्याय तथा कार्मिक मामलों की संसद की स्थायी समिति अभिषेक मनु सिंघवी की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति विचार कर रही है.

‘लोकपाल के तहत हो सिटीजन चार्टर’
टीम अन्ना ने फिर जोर दिया कि प्रस्तावित लोकपाल के तहत सिटीजन चार्टर (नागरिक घोषणा पत्र) को शामिल किया जाना चाहिए ताकि जनता समयबद्ध तरीके से अपना काम करवा सके। जनलोकपाल आंदोलन के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘लोकपाल विधेयक में सिटीजन चार्टर का होना बहुत जरूरी है।
इससे लोगों को समयबद्ध तरीके से अपना काम कराने में मदद मिलेगी।

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