गेहूं का एक-एक दाना खरीदने करेंगे सरकार को बाध्य: भूरिया

भोपाल, 16 मई. नभासं.प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आज ऐलान किया कि किसानों का जब तक एक-एक दाना नहीं खरीद लिया जाता कांग्रेस राज्य सरकार को चैन से बैठने नहीं देगी.उन्होंने जेलों में बंद किसानों को रिहा करने व उन पर लगे मुकदमे वापस लेने की मांग दोहराई.

उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था प्रदेश में नई नहीं है. यह व्यवस्था पूर्व वर्षों में भी प्रदेश में संचालित हुई है. इस वर्ष यह व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और किसानों को इससे जो अपेक्षाएं थीं, वह पूरी नहीं हो पा रही हैं. इसके पीछे मूल कारण जो अब सामने आ रहे हैं, वे यह है कि इस वर्ष की व्यवस्था भाजपा सरकार ने किसानों के व्यापक हित में नहीं अपितु दलालों, बिचौलियों और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिये खड़ी की है. इसके मूल में भारी मात्रा में कमीशन खोरी का गोरख धंधा भी रहा है.भूरिया आज पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि आज किसानों की समस्या पर कांग्रेस के धरने में राज्य भर में जगह जगह काफी भीड़ आई और सरकार द्वारा विफल करने की कोशिश के बावजूद ये सफल रहा है.बारदाने को लेकर पिछले 15-20 दिनों में जो हो-हल्ला मचाया गया है उसके पीछे कमीशन खोरी ही मुख्य कारण रहा है.

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर जो हालात हैं उनको देखते हुये लगता है कि हालात जल्दी ही सुधरने वाले नहीं हैं. ऐसी दशा में आज के धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने स्पष्टï तौर पर किसानों के बीच घोषणा की है कि जब तक किसानों की आज की कठिनाईयां दूर नहीं होंगी तथा उनके गेहूं का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर नहीं बिक जायेगा, तब तक अलग-अलग रूपों में कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी. कांग्रेस यह संकल्प कर चुकी है कि वह किसानों की समस्याओं को हल कराये बिना चैन से नहीं बैठेगी. भूरिया ने कहा कि करीब एक लाख किसान इन दिनों ऐसे झूठे मुकदमों में फंसे हुये हैं. कांग्रेस की मांग है कि ये मुकदमे राज्य सरकार द्वारा तत्काल वापस लिये जायें. इसके साथ ही समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी से संबंधित आंदोलन के समय जो किसान गिरफ्तार किये गये हैं.

उन्हें भी बिना शर्त रिहा किया जाये, क्योंकि ये गिरफ्तारियां अन्यायपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटियों से भी ऐसी रिपोर्ट मिल रही है कि खरीद केन्द्रों और मंडियों में वास्तविक किसानों को तो अपना गेहूं बेचने के लिये यहां-वहां भटकना पड़ रहा है, लेकिन बचौलिए बीपीएल और एपील का 700-800 रुपये प्रति क्विंटल का गेहूं 1385 रु. के समर्थन मूल्य पर खपा कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं. यह गोरख धंधा तत्काल बंद होना चाहिये.भूरिया ने कहा कि किसानों को कई दिन तक अपनी किराये की ट्रालियां लेकर तुलवाई के लिये केन्द्र/मंडियों में इंतजार करना पड़ रह है. कांग्रेस की मांग है कि ऐसे किसानों को इंतजार के दिनों का ट्राली का किराया गेहूं की कीमत के साथ-साथ भुगतान किया जाये. इधर,भूरिया ने कहा कि सरकार मंडियों को अपने कब्जे में लेकर उनके वित्तीय संसाधनों का पार्टी के हित में दोहन करने के लिये मंडी अध्यक्ष पद के चुनाव के लिये अप्रत्यक्ष पद्घति लागू करने का निर्णय करके प्रजातंत्र पर कुठाराघात किया है. प्रत्यक्ष चुनाव पद्घति को तत्काल बहाल किया जाकर मंडी अध्यक्ष के चुनाव उच्च प्राथमिकता के आधार पर सम्पन्न कराये जायें.

Related Posts: