रामलीला के नौवें दिवस में

भोपाल, 14 मई. तुलसी मानस प्रतिष्ठन एवं रामलीला आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में नौवें दिवस रामलीला के सजीव मंचन के माध्यम से आज भव्य लक्ष्मण, शक्ति, कुंभकरण, मेघनाद एवं रावण वध का 1008 रामाजी महाराज के नेतृत्व में कुशल कलाकारों द्वारा सुंदर अद्ïभुत मंचन किया गया, जिसको देखकर श्रद्घालु भावविभोर हो गये.

प्रारंभ में भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण की आरती मुख्य अतिथि सत्यदेव कटारे पूर्व गृह मंत्री, सुरेंद्रनाथ ङ्क्षसह अध्यक्ष बीडीए, रामदयाल प्रजापति पूर्व अध्यक्ष नगर निगम, जीवनलाल मुखरैया अध्यक्ष हिन्दू उत्सव समिति, आनंद सक्सेना, आशा सोनी, अशोक शर्मा 1250 आदि ने भगवान राम, लक्ष्मण की पूजन, आरती की. रमाकांत दुबे ने कार्यक्रम का संचालन किया. राजेश वर्मा सोनी, अजय श्रीवास्तव नीलू, एल.एन. सोनी ने अतिथियों का पुष्पालाओं से स्वागत किया. तपश्चात् भगवान राम की पहनी हुई माला एल.एल. सोनी ने सहर्ष ग्रहण की.

जब लक्ष्मण मेघनाद का युद्घ होता है तो युद्घ में मेघनाद लक्ष्मण परे ब्रह्मस्त्र से वार करता है जिससे लक्ष्मणजी मूर्छित हो जाते हैं. तब श्रीराम हनुमानजी को संजीवनी बूटी लाने के लिये भेजते हैं. हनुमानजी को संजीवनी बूटी समझ में नहीं आती, अत: पूरा पर्वत लेकर आ जाते हैं. तब वैद्य सुषेण संजीवनी बूटी से उनका उपचार करते हैं जिससे लक्ष्मण स्वस्थ हो जाते हैं. दूसरे दिन भयंकर युद्घ में लक्ष्मण जी द्वारा मेघनाद का वध होता है तत्पश्चात् कुंभकरण और भगवान राम के बीच युद्घ होता है जिसमे अंत में कुंभकरण मारा जाता है. भ्राता कुंभकरण के मारे जाने पर रावण युद्घ के लिये प्रस्थान करता है.

भगवान राम काफी प्रयासों के बाद भी रावण का वध नहीं कर पाते. तब विभीषण बताते हैं कि रावण की नाभि में तीर मारने से रावण का अंत होगा. अत: श्रीराम के हाथों रावण का वध होता है. अंत में रावण और राम के बीच संवाद होता है जिसमें रावण उनको मारने के लिये राम का धन्यवाद देता है. यह सब सजीव चित्रण देखकर भारी संख्या में उपस्थित भीड़ मंत्रमुग्ध हो गई. आज भारी संख्या में श्रद्घालुगण उपस्थित थे.

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