सागर, 19 मई. प्रदेश की विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को भरपूर मदद मिलने के बाद भी बुंदेलखंड के हालात खराब है.

अजय सिंह ने आज कहा कि प्रदेश सरकार की काबलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कद्दावर मंत्रियों का क्षेत्र होने व विकास के लिए केन्द्र से भरपूर मदद मिलने के बाद भी बुंदेलखंड के हालात खराब है. बुंदेलखंड अंचल की धार्मिक नगरी ओरछा से 11 मई को शुरू हुई जन चेतना यात्रा के अंतिम पडाव के दौरान सागर में पत्रकारों से चर्चा में सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मकसद विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ पेश किए गये 36 सूत्रीय अविश्वास प्रस्ताव से जनता को व आम जनता के मौजूदा हालातों से कांग्रेस को रूबरू कराना है.इस यात्रा का दूसरा चरण 23 मई को उज्जैन से शुरु होने वाला है. सिंह ने प्रदेश के मंत्रियों पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों से जुडे सवाल पर बताया कि मंत्री तो सभी भ्रष्ट हैं लेकिन पहले तीन स्थानो पर कैलाश विजयवर्गीय, जयंत मलैया व गोपाल भार्गव का नाम लिया जा सकता है.

लोकायुक्त के छापों से जुडे सवाल पर सिंह ने कहा कि इन छापों के जरिए सरकार खुद को चुस्त दिखाने का नाटक कर रही है.उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सही में भ्रष्टाचार के खिलाफ होते तो वो लोकायुक्त में मंत्रियों के खिलाफ लंबित प्रकरणों को चलाने की अनुमति दे देते. चुनावों के करीब आने के वक्त ही कांग्रेस द्वारा जन चेतना यात्रा निकाले जाने के सवाल के जवाब में अजय सिंह ने कहा कि मुझे अभी जिम्मेदारी सौंपी गई है.इसके पहले की बात पहले वाले बताएंगे. लेकिन प्रदेश में कांग्रेस के हालात गर्त में पहुंचने जैसी खबरों के प्रति असहमति जताते हुए अजय सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश के कुछ जिलों या क्षेत्रों ऐसे हालात हो सकते हैं, लेकिन पूरे प्रदेश के बारे में यह बात सही नहीं है. उन्होंने कहा कि वो पार्टी के बदहाली के लिए जिम्मेदार कारणों को ढूंढेगे.

येदियुरप्पा फिर चले बगावत की चाल

बेंगलुरु, 19 मई. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने एक बार फिर बगावत की आवाज को बुलंद करते हुए मुंबई में होने वाले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नहीं जाने का फैसला किया है.

कर्नाटक के असंतुष्ट नेता ने कहा, कर्नाटक भाजपा में इस हालात के लिए अनंत कुमार जिम्मेदार हैं इसलिए वो अनंत कुमार को पार्टी से निकालने की मांग करते हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली आज बेंगलुरु की यात्रा पर हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि वह कर्नाटक भाजपा में उठ रहे तूफान को शांत करने में सफल होंगे. मालूम हो कि येदियुरप्पा ने शुक्रवार को जनसंवाद कार्यालय की शुरुआत की लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि उनका अपनी पार्टी की सरकार गिराने का इरादा नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने यह कदम ऐसे समय में उठाया जब कर्नाटक भाजपा संकट के दौर से गुजर रही है. कुछ दिन पहले पार्टी उस समय टूट की कगार पर पहुंच गई थी जब येदियुरप्पा के समर्थन में अनेक विधायकों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए थे और बागी नेता के भी पार्टी छोडऩे की आशंका जताई जाने लगी थी. लेकिन ऐन वक्त पर येदियुरप्पा ने इस्तीफा देने का अपना निर्णय टाल दिया था.

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