भोपाल, 8 मई, नभासं. कोई भी उपहार एक डायमंड से अधिक कीमती नहीं हो सकता है. डायमंड पृथ्वी पर सबसे कीमती चीजों में से एक हैं.

एक से दिखने वाले डायमंड और रत्न के मूल्य में भी महत्वपूर्ण अंतर हो सकता है. यहां तक कि विशेषज्ञों को भी इसे समझने में कुछ विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ती है. यह बात आज जेमोजिस्ट और सूरत डायमंड एसोसिएशन बोर्ड मेम्बर गौरव सेठी ने जहांनुमा पैलेस में आयोजित सेमीनार ऑन अंडरस्टेंडिंग डायमंड में कही. उन्होंने कहा कि अब लोगों को ज्वेलरी ज्वेलर्स के भरोसे में नहीं खरीदनी चाहिए. ज्वेलरी परीक्षण के लिए अब मशीनें आ गई हैं. मशीन के परीक्षण और अपनी सूज-बूझ से गहनें खरीदना लाभकारी होगा. उन्होंने कहा कि भोपाल में इस तरह की पहली कार्यशाला है. इस अवसर पर इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट और डायमंडगुरू.इन के साथ मिल कर डायमंड सर्टीफिकेशन और एज्युकेशन केम्प का भी आयोजन किया गया.

मार्कफेड ने की करोड़ के कृषि यंत्रों की बिक्री
राज्य सहकारी विपणन संघ ने पिछले वर्ष किसानों को लगभग 70 करोड 22 लाख कीमत के कृषि यंत्रों की बिक्त्री की. यह निर्धारित लक्ष्य का 7 प्रतिशत है. इस वर्ष मार्कफेड ने 80 करोड कीमत के कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध करवाने का कार्यक्त्रम तैयार किया है. मार्कफेड ने इसके अलावा पिछले वर्ष किसानों को 37 करोड रुपये के कीटनाक का भी विक्त्रय किया. इस वर्ष किसानों को 38 करोड के कीटनाक बिक्त्री किये जाने का कार्यक्त्रम तैयार किया गया है.

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