भोपाल, 7 मई. निगम प्रशासन ने नियमितीकरण की ओर से अपना ध्यान हटा लिया है जिससे लगभग 1200-1500 दैवेभो कर्मचारियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

निगम प्रशासन द्वारा कुछ कर्मचारियों को नियमित किया गया था किन्तु उनके भी भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. किन्तु अब भी निगम में दैवेभो कर्मचारी हैं जो नियमितीकरण की राह देख रहे हैं. निगम के कर्मचारी जो निरंतर 14-15 वर्षों से निगम की सेवा करते आ रहे हैं और भीषण महंगाई का सामना कर रहे हैं तो निश्चित ही कर्मचारी सड़क पर उतर सकता है. इन 14-15 सालों में ना ही उन्हें वर्दी की गई और नाही उनका सामूहिक बीमा करवाया गया और वादा करने के बाद भी उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया. षष्टम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश भोपाल ने मंजू चार्वे द्वारा नगर निगम के विरुद्घ दायर दो अपीलों को खारिज कर दिया.

मंजू चार्वे के स्वामित्व के भवन क्र. 141 स्थित हथाईखेड़ा, प्रेस कॉलोनी, आनंद नगर में स्थित है एवं उनके द्वारा वहां पर स्कूल का संचालन किया जा रहा है एवं नगर निगम द्वारा भवन को तोडऩे के लिये नोटिस दिये गये थे जिस पर उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया था जिसे अष्टïम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 स्मिता ङ्क्षसह ठाकुर द्वारा 7 मार्च को निरस्त कर दिया गया था जिस पर अपील प्रस्तुत की गई थी. न्यायालय द्वारा मंजू चार्वे को जो स्वीकृति दी थी वह आवासीय प्रयोजन हेतु दी गई थी. इस कारण नगर निगम द्वारा जो कार्यवाही की जा रही है वह विधि अनुसार की जा रही है.

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