नई दिल्ली, 29 मई. प्रधानमंत्री ने टीम अन्ना को सीधे निशाने पर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन पर टीम अन्ना के लगाए गए आरोप सही निकले तो वह सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि उन पर और उनके मंत्रिमंडल पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

टीम अन्ना में दरार

टीम अन्ना में एक बार फिर दरार दिख रही है। ताजा मसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दूसरे मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। टीम के सदस्य और कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने इन आरोपों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि टीम अन्ना ने इन आरोपों के बारे में उनसे कोई सलाह नहीं ली थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह टीम अन्ना से बाहर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे चाहते हैं कि मैं टीम से बाहर हो जाऊं तो ये बात अलग है। इससे पहले हजारे भी अपनी टीम की ओर से लगाए गए इन आरोपों से दूरी बनाते नजर आए थे। उनकी टीम ने जब 14 करप्ट मंत्रियों में मनमोहन सिंह का भी नाम शामिल किया तो उसके अगले दिन अन्ना ने कहा कि पीएम एक ईमानदार शख्स हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह इस बारे में अपनी टीम से सफाई भी मांगेंगे।

टीम अन्ना ने दिया कृष्णा को जवाब

हेगड़े ने कहा कि मुझे नहीं पता कि पीएम और बाकी मंत्रियों पर लगाए गए आरोपों में वाकई क्या है। इस बारे में लिए गए फैसले में मैं शामिल नहीं हूं। अगर मैं इस फैसले से से राजी नहीं हूं और न ही मैंने अपनी राय दी है, तो माना जाना चाहिए कि मैं इसमें शामिल नहीं हूं। अगर आरोपों के बारे में मुझे बताया गया होता और इनसे ये संकेत मिलते कि इन आरोपों में कोई खास मंत्री लिप्त है तो मैं टीम के साथ होता। जस्टिस हेगड़े ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के पास टीम अन्ना ने जांच के लिए जो सामग्री भेजे हैं, उनके बारे में भी मुझे नहीं पता है।

पहले भी किया था विरोध

हेगड़े ने इससे पहले भी टीम अन्ना की ओर से हिसार उप चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ चलाई गई मुहिम का पुरजोर विरोध किया था।

हेगड़े अभिन्न हिस्सा : भूषण

प्रशांत भूषण ने कहा कि संतोष हेगड़े टीम अन्ना के अभिन्न हिस्सा हैं। अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर भूषण ने कहा कि आरोपों से जुड़े सारे डॉक्युमेंट्स इंगलिश में हैं। उन्होंने कहा कि हजारे इसे नहीं पढ़ सकेंगे। इसलिए पूरे दस्तावेज को हिंदी में ट्रांसलेट कराना होगा, लेकिन ये मुश्किल काम है। दूसरे मंत्रियों के आरोपों के बारे में तो उन्हें पता है, लेकिन प्रधानमंत्री के बारे में उन्हें पूरा मसला नहीं मालूम है। भूषण ने कहा कि लेकिन अन्ना को पूरा भरोसा है कि हम जो कर रहे हैं, ठीक कर रहे हैं।

प्रशांत भूषण ने पीएम को शिखंडी कहा था

टीम अन्ना के अहम सदस्य प्रशांत भूषण ने पीएम को शिखंडी तक कह दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था।

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