पीएम को किया फोन, सोनिया करेंगी चर्चा

नई दिल्ली, 22 सितंबर. केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इस्तीफा देने की पेशकश की है. 2-जी घोटाले में उनका नाम आने के बाद यह सवाल जोर पकड़ रहा है। पौने दो लाख करोड़ रुपये के घोटाले में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की पीएमओ को लिखी चिट्ठी का ब्यौरा सार्वजनिक होने के बाद इस घोटाले से गृह मंत्री पी. चिदंबरम का नाम भी जुड़ गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से करीब 20 मिनट तक फोन पर बातचीत कर इस्तीफे की पेशकश की है. समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने उन पर अपना भरोसा जताया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस मामले पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से चर्चा करेंगी। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अभी अमेरिका में हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के वापस लौटने के बाद दोनों से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी।

मुखर्जी ने साधा मौन
मुखर्जी ने चिट्ठी के बारे में पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। भारत और अमेरिका के कारोबारियों के सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए प्रणब मुखर्जी ने बस इतना कहा- 2जी घोटाले से जुड़ी मेरी एक चिट्ठी को प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत हासिल किया गया है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

इस तरह उलझे चिदंबरम :

जनवरी 2008 : कीमतों को लेकर राजा और चिदंबरम की बैठक, चिदंबरम ने एंट्री फीस की पुरानी प्रणाली के तहत स्पेक्ट्रम आवंटन का पक्ष लिया। राजा का रुख भी यही था।

फरवरी 2008 : नीलामी के जरिये स्पेक्ट्रम आवंटन का तत्कालीन वित्त सचिव का सुझाव खारिज।

25 मार्च 2011 : वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को नोट भेजकर कीमतें तय करने में चिदंबरम के शामिल होने की जानकारी दी।

जुलाई 2010 : संसद की लोक लेखा समिति को भी दी गई थी इस बात की जानकारी।

21 सितंबर 2011 : वित्त मंत्रालय का नोट और राजा व चिदंबरम की मीटिंग के मिनट्स सुप्रीम कोर्ट में पेश।

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