शेहला मसूद, पवन जैन विद्रोही, जोशी कांड की जाँच में सहयोग नहीं कर रही सरकार

भोपाल, 21 दिसंबर. अजय सिंह राहुल के नेतृत्व में दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल के एक प्रतिनिधि मंडल ने केन्द्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम, वन पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश से मुलाकात की. प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रियों को प्रदेश के हित से जुड़े मुद्दों पर उन्हें ज्ञापन सौंपा.

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने केन्द्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में बढ़ रहे राजनीतिक अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोक पाने में असफल हुई है. उन्होंने बताया कि आर.टी.आई. एक्टीविस्ट शेहला मसूद, पत्रकार पवन जैन विद्रोही और आर.एस.एस. के प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड के मामले में राज्य की पुलिस निरंतर सी.बी.आई. और एन.आई.ए. को असहयोग कर रही है. उन्होंने बताया कि शेहला मसूद के हत्या को साक्ष्यों को भी नष्टï करने का प्रयास पुलिस ने किया. क्योंकि सत्तारुढ़ पार्टी के कई बड़े नेताओं का नाम इसमें शामिल है. उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को जो प्रतिनिधि संगठन सिमी का सदस्य है उसे पुलिस गिरफ्तार करती है, फिर उसे 15 अगस्त पर छोड़ देती है और फिर कहती है गलती हो गई, उसे पुन: गिरफ्तार कर लेती है. इसकी उच स्तरीय जाँच की जाना चाहिए. ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश को नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए केन्द्र द्वारा हाल ही में दिए गए 200 करोड़ रुपये और पूर्व में दी गई राशि का राज्य सरकार कोई उपयोग नहीं कर रही है. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन से मिले विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वन क्षेत्रों में पिछले सात सालों से निरंतर अवैध उत्खनन जंगल की कटाई हो रही है.

वन अधिकारी अपनी जाँच रिपोर्ट में वनों में हो रहे अवैध उत्खनन को बैल्लारी से बड़ा कांड बता रहे है. चूंकि राज्य सरकार के मंत्री और उनके परिजन इसमें शामिल है. वन क्षेत्र में धडल्ले से हो रहे अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा इसकी उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की गई है. कांग्रेस विधायक दल के प्रतिनिधि मंडल ने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि मनरेगा के पैसे का बड़े पैमाने पर हो रही धांधली का उदाहरण है कि सीधी जिले में मनरेगा के पैसे से जेट्रोफा को ढाई करोड़ रुपये के इंजेक्शन लगाए गए. सतना जिले में एक निजी नर्सरी से छ: करोड़ रुपये के पौधे खरीदे गए वहीं सीधी जिले में जून के 30 दिन के महीने में मजदूरी का भुगतान 31 दिन का किया गया. उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री को बताया कि इस तरह के सैकड़ो उदाहरण पूरे प्रदेश में बिखरे पड़े है. भ्रष्टाचार का आलम यह है कि ढाई से तीन हजार अधिकारी जिसमें आई.ए.एस. तक अधिकारी शामिल है के खिलाफ गड़बड़ी के प्रकरण दर्ज है. जो पैसा केन्द्र द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भेजा जा रहा है उसे राज्य सरकार स्वयं की बनाई गई मुख्यमंत्री ग्राम सडक योजना में व्यय कर रहे है. प्रतिनिधि मंडल ने मनरेगा सहित सभी ग्रामीण विकास योजना में राज्य सरकार द्वारा की जा रही धांधलियों की उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की है.

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