पीएम ने किया धारणाओं को खारिज

नई दिल्ली, 14 दिसंबर. हिंद महासागर में चीन द्वारा सैन्य ठिकाना बनाने संबंधी खबरों के बाद उपजी खतरे की धारणाओं को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार को ऐसा नहीं लगता कि चीन, भारत पर हमला करेगा. मनमोहन सिंह ने लोकसभा में कहा, ‘हमारी सरकार इस विचार से सहमत नहीं है कि चीन, भारत पर हमला करेगा.’

प्रधानमंत्री एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे, जिनमें कहा गया था कि चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देश के पास सेशेल्स में एक बंदरगाह का निर्माण कर रहा है, जिसके जरिए नौ सेना के पोत अफ्रीका से लगे समुद्र में लूट विरोधी अभियानों में हिस्सा लेंगे. बीजिंग ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि यह बंदरगाह सैन्य ठिकाने के रूप में परिवर्तित होगा. मनमोहन सिंह ने खतरे की धारणा को खारिज कर दिया और कहा कि भारत और चीन की सीमा पर कुल मिलाकर शांति बरकरार है. सिंह ने स्वीकार किया कि चीन के साथ सीमा विवाद पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि उच्च पदस्थ चीनी अधिकारियों ने भारत के साथ शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का उन्हें भरोसा दिया है. इससे पहले एक पूरक प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री ई अहमद ने स्वीकार किया कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच नवम्बर के अंत में होने वाली 15वें दौर की बातचीत तिब्बतियों के धर्मगुरू दलाई लामा की राजधानी में प्रस्तावित उपस्थिति के कारण टल गई थी. अहमद ने बताया कि दलाई लामा को 27 से 30 नवम्बर तक दिल्ली में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना थ. चीन ने इस पर आपत्ति जताते हुए भारत सरकार से दलाई लामा का कार्यक्रम टालने या पूरी तरह रद्द करने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार ने चीन की इस सलाह को मानने से मना कर दिया. इसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच होने वाली वार्ता अंतिम समय पर टल गई थी. उन्होंने कहा कि पंद्रहवें दौर की बातचीत के लिए आपसी मशविरे के बाद फिर से नई तिथि निर्धारित की जाएगी. सरकार दोनों देशों के बीच जारी विवाद के हल के लिए विश्वास बहाली के उपाय (सीबीएम) कर रही है.

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