सत्ता पक्ष कर रहा आरोपों का बचाव तो विपक्ष हुआ आक्रामक

आज भी जारी रहेगी चर्चा, शाम तीन बजे सीएम देंगे आरोपों का जवाब

भोपाल,29 नवंबर.नभासं.राज्य विधानसभा में प्रमुख प्रतिपक्षी दल कांग्रेस के शिवराज सिंह मंत्रिमंडल के विरुद्व अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के आज दूसरे रोज उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पर सीधा निशाना साधने से हंगामे की नौबत आ गई.विजयवर्गीय ने सोमवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिए भाषण को सामंती सोच और स्तरहीन कहने से विवाद की स्थिति बन गई.

उद्योग मंत्री मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों पर लगे आरोपों को सामंती सोच का होने के साथ-साथ मंत्रियों पर लगे आरोपों को उनके व्यक्तिगत दुराग्रह से प्रेरित बता रहे थे. दिया. विजयवर्गीय की इस तरह की टिप्पणियों पर कांग्रेस सहित अन्य दलों के सदस्यों ने आपत्ति उठाते हुए शोरगुल और हंगामा शुरु कर दिया. विजयवर्गीय कह रहे थे नेता प्रतिपक्ष ने पद की गरिमा का ध्यान नहीं रखा है अब तक विधानसभा में आये अविश्वास प्रस्तावों पर नेता प्रतिपक्ष द्वारा भाषणों में से सिंह का भाषण विधायक के स्तर का है.उन्होंनें कहा कि नेता प्रतिपक्ष का भाषण जवाबदेही वाला होता और इस पद पर बैठे नेता को शेडो मुख्यमंत्री माना जाता है. लेकिन उनके स्तरहीन भाषण और आरोपों से उनका मन काफी दुखा.उन्होंने कहा कि सिंह को अपने पिता अर्जुन सिंह के भाषणों का अध्ययन करने के बाद बोलना था.

लेकिन उन्होंने पिता के बजाय मामा ससुर की ओर से आए भाषण को पढा. विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष सामंती सोच से उपर नही उठ पा रहे. इसलिए वह किसान के बेटे  को मुख्यमंत्री के पद पर बैठा सहन नही कर पा रहे . इसके चलते सिंह ने इस चर्चा में मंत्रिमंडल पर आरोप लगाने की बजाय चौहान और उनके रिश्तेदारों पर व्यक्तिगत आरोप लगाए है.उनका भाषण सामंती मन की कुंठा को उजागर करने वाला था. विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार यदि भोपाल में रहते है और उनके यहां दस मकान है तो इस पर नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति और बिना प्रमाण के आरोप समझ से परे है. उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष के परिवार ने चुरहट लाटरी कांड पैसों से गरीबों को विस्थापित कर भोपाल के केरवा में कोठी बनाई है. उन्होंने कहा कि जब अर्जुन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे तब विधानसभा में चौहान द्वारा दिये गए भाषण की प्रशंसा करते हुए कहा था कि चौहान लंबी रेस के घोडे है. यदि नेता प्रतिपक्ष ने अपने पिता का आर्शीवाद ले लिया होता तो इस प्रकार के आरोप नही लगाते.

उद्योग मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में रेत माफिया को संरक्षण देने और अवैध खनन का आरोप लगाया है जो बेबुनियाद है. उन्होंने कहा कि पिछले कांग्रेस शासनकाल में राज्य में रेत खनन से 24 करोड रूपये का राजस्व मिलता था.जो भाजपा के सरकार में बढकर 124 करोड रूपये हो गया है. फर्क इतना आया है कि भाजपा सरकार ने ई टेंडर के माध्यम से राजस्व बढ़ा कर शासन के खजाने में जमा कराया है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में अवैध उत्खनन के कारण राजस्व बढऩे की अपेक्षा ये राशि मंत्रियों और नेताओं की जेब में जाती थी. विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा लोकायुक्त जैसी संवैधानिक संस्था और लोकायुक्त की नियुक्ति पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश उस समय के राज्यपाल के कार्यो पर उंगली उठाकर बदनाम करने के आरोप लगाना कहा तक उचित है इस पर अध्यक्ष और सदन को विचार करना चाहिए. उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री पर लोकायुक्त के पुत्र को सरकारी खर्च पर चीन यात्रा पर ले जाने का आरोप आधारहीन है. जबकि लोकायुक्त का पुत्र पिछले 27 वर्षो से उद्योग संचालित कर रहा है और 27 बार विदेश यात्रा कर चुकi है.

उन्होंनें अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियों के समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिए गए निर्देश के पत्र को दिखाते हुए कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री को मुख्य लक्ष्य कर आरोप लगाने की बात कही गई है.जिससे मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप लगाए गए है. विजयवर्गीय ने कहा कि जन अभियान परिषद के कार्यक्रम में शासकीय धनराशि खर्च करने का आरोप लगाया गया है जबकि वास्तविकता यह है कि इस परिषद का गठन पूर्ववर्ती दिग्विजय सिंह सरकार के समय किया गया था और इसको को फंड सरकार ने ही दिलाया था.उधर,कांग्र्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह ने कल के भाषण को जारी रखते हुए आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सामान खरीदी और अन्य मामलों में 126 करोड रूपये का भ्रष्टाचार मंत्री के संरक्षण में किया गया है. यहां तक की कई स्थानों पर प्राचार्यो की नियुक्ति नही की जा रही है. प्रभारी प्राचार्यो के माध्यम से भ्रष्टाचार किया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के ऋण माफी के लिए दी गई राशि में सहकारिता विभाग ने अनियमितिता कर लगभग 85 करोड रूपये का घोटाला किया है. उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन को कार्यपालन यंत्री द्वारा पांच लाख रूपये की रिश्वत देने के प्रकरण में न्यायालय में बयान से पलट जाने के लिए सदन में माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार में लिप्त स्कूल शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करना चाहिए.चर्चा के दौरान विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष के पुत्र के संबंध में की गई टिप्पणी पर कांग्रेस सदस्यों द्वारा आपत्ति उठाने और हंगामा करने पर अध्यक्ष ने विजयवर्गीय को खेद व्यक्त करने के निर्देश दिए. इस पर मंत्री ने खेद व्यक्त कर दिया.

हंगामे के बाद फिर बोलीं कल्पना परूलेकर

अविश्वास प्रस्ताव पर चल रही चर्चा के दौरान निर्धारित समय से अधिक बोल चुकीं कांग्रेस विधायक डॉ. कल्पना परूलेकर को जब आसंदी की ओर से टोका गया तो कांग्रेस सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर हंगामा किया. इसके पश्चात् स्पीकर ईश्वरदास रोहाणी ने डॉ. परूलेकर को 10 मिनट और बोलने का मौका दिया. स्पीकर रोहाणी ने डॉ. कल्पना परूलेकर के पश्चात्ï भाजपा की श्रीमती नीता पटैरिया का नाम बोलने के लिये पुकारा तो डॉ. परूलेकर ने नाराजगी जताई.जब डॉ. परूलेकर को पुन: बोलने का अवसर नहीं मिला और श्रीमती नीता पटैरिया ने अपना भाषण शुरू कर दिया तो कांग्रेस के चौधरी राकेशसिंह ने आग्रह किया कि जब मंत्रियों को अलग से समय दिया गया तो हमने अविश्वास प्रस्ताव लगाया है. हमें भी बोलने दिया जाये और उसके पश्चात् दोनों ओर से शोर-शराबा शुरू हो गया. उसक पश्चात्ï डॉ. परूलेकर को पुन: बोलना का मौका मिला. चर्चा में भाग लेते हुये डॉ. परूलेकर ने आरोप लगाया कि राजधानी में चिरायु अस्पताल डूबत की जमीन पर बनाया गया है. राज्य सरकार ने चिरायु अस्पताल को जमीन आवंटन के मामले में तुरत-फुरत काम किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों को बंधुआ बनाना चाह रही राज्य सरकार. डॉ. परूलेकर ने मुख्यमंत्री चौहान पर म.प्र. में भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया.

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