भोपाल, 9 मई,जनजातीय समुदाय द्वारा संचालित और प्रसारित किया जाने वाला दुनिया का पहला गोण्डी सामुदायिक रेडियो केन्द्र मध्यप्रदे के चिचौली (बैतूल) में 10 मई से शुरू होगा. वन्या आदिम-जाति कल्याण विभाग के सहयोग से शुरू होने वाले इस रेडियो केन्द्र से आदिवासियों द्वारा अपनी बोली गोण्डी कार्यक्रमों का प्रसारण किया जायेगा.

रेडियो केन्द्र चिचौली से प्रतिदिन दो घंटे के कार्यक्रम प्रसारित किये जाएंगे. जिन्हें 90.4 एफ.एम. (मेगा हर्ट्ज) पर 20 से 25 किलोमीटर की परिधि में सुना जा सकेगा. संचालक वन्या श्रीराम तिवारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस रेडियो केन्द्र के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि राज्य सभा सदस्य प्रभात झा होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते करेंगे. कार्यक्रम में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह वन मंत्री सरताज सिंह आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री हरिशंकर खटीक एवं सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. यह केन्द्र जहाँ एक ओर राज्य शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी महती भूमिका निभाएगा. वहीं दूसरी ओर जनता ओर शासन के बीच एक सेतु का काम भी करेगा.

उल्लेखनीय है कि वन्या द्वारा मध्यप्रदेश की विशेष पिछडी जनजातियों की आवाज और बुलंद करने के लिए प्रारंभिक चरण में चिचौली सहित 12 स्थान पर सामुदायिक रेडियो केन्द्र प्रारंभ करने की पहल की जा रही है. इनमें बैगा बहुल क्षेत्र चाडा (जिला डिण्डौरी), बैहर (जिला बालाघाट),कोरकू बहुल खालवा (जिला खण्डवा),गोंड बहुल चिचौली (जिला बैतूल),भील बहुल नालछा (जिला धार),भाबरा (जिला अलीराजपुर),मेघनगर (जिला झाबुआ),उमरी (जिला गुना),सहरिया बहुल सेसईपुरा (जिला श्योपुर) और भारिया बहुल बिजोरी (जिला छिन्दवाडा ) आदि शामिल हैं. इन केन्द्र में से भाबरा जिला-अलीराजपुर, खण्डवा के सामुदायिक रेडियो केन्द्रों से प्रसारण जारी है. अगले क्त्रम में चिचौली जिला बैतूल का उद्घाटन 0 मई को होगा. सेसईपुरा,नालछा के रेडियो स्टूडियो बनकर तैयार है.शेष जगहों पर कार्य निर्माणाधीन है.

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