शराब के नशे में सीएसपी के भाई ने होटल में किया उपद्रव, होटल वालों ने की जमकर पिटाई, चार होटल कर्मचारी गिरफ्तार

भोपाल, 14 मई नभासं. सईयां भए कोतवाल तो डर काहे का… यह कहावत भले ही कुछ पुलिसवालों के परिवारजनों पर खरी उतरती हो, लेकिन राजधानी में पुलिस विभाग में ऊंचे ओहदे पर पदस्थ एक अधिकारी के चचेरे भाई पर उल्टे पड़ गई. हुआ यूं की साब के भाई होटल में अपने पुलिस वाले भाई के ओहदे का इस्तेमाल कर फ्री में मौज फरमाना चाह रहे थे.

ख्वाहिश भी होटल वालों ने उनकी पूरी कर दी थी. लेकिन जब पैसा देने का नंबर आया तो भाई साब अपने को सीएसपी का छोटा भाई बताने लगे. और खाने-पीने का पैसा देने से साफ मना कर दिया. इतने में भाई साब नहीं रूके उन्होंने होटल कर्मचारियों को जेल में बंद कराने की धमकी देते हुए गाली-गलौच भी की . लेकिन भाई साब की एक नहीं चली. बीती रात एमपी नगर में के एक होटल में राजधानी में पदस्थ एक सीएसपी के चचेर भाई व उसके तीन साथियों को एमपी नगर के एक होटल में जमकर पिटाई हुई है. कमरे के किराए व शराब के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद राड, बल्ले व बेल्ट की मार तक जा पहुंचा. पुलिस ने होटल मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

एमपी नगर पुलिस के अनुसार राजधानी में पदस्थ एक सीएसपी का चचेरा भाई कौस्तुब जबलपुर से भोपाल पहुंचा था. उसके साथ  उसके तीन दोस्त और थे. एमपी नगर जोन क्रमांक एक के होटल में यह लोग रूके हुए थे. इन्होंने वहां पर कमरा नम्बर 101 किराए पर लिया था. इस कमरे का प्रतिदिन का किराया 4 हजार रुपए था. देर शाम कौस्तुब का एक जूनियर भी वहां पर पहुंचा. रात करीब नौ बजे कस्टमर की मांग पर होटल में ही शराब की दो बॉटल उपलब्ध कराई गई. रात करीब बारह बजे होटल के दो कर्मचारी ओमप्रकाश व यशपाल मृणाल के कमरे पहुंचे.

इन्होंने कमरे का किराया तथा शराब के पैसे मांगे. इसके विरोध में कौस्तुब उनसे पैसा नहीं देने की धमकी दी. इसके बाद कर्मचारी भी भिड़े इनसे पैसा लेने की ठान ली. और पिटाई शुरू कर दी. इसी दौरान कौस्तुब ने घटना की सूचना पुलिस को दी. मामले की सूचना मिलते ही एमपी नगर थाने में पदस्थ एसआई संतोष पाठक बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. और मौजूद चार लोगों को गिराफ्तार कर लिया.

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