बाबा की गिरफ्तारी * अनशन तोडऩे को तैयार नहीं * अस्थाई जेल में हजारों समर्थक जुटे * आज नई रणनीति का ऐलान

नई दिल्ली, 13 अगस्त. काला धन वापस लाने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे योग गुरु बाबा रामदेव को सोमवार को संसद मार्च करते समय हिरासत में लेने के बाद अंबेडकर स्टेडियम ले जाया गया, जहां देर शाम उन्हे व उनके समर्थकों को रिहा कर दिया गया। पुलिस की ओर से रिहाई की घोषणा किए जाने के बावजूद बाबा रामदेव अपने समर्थकों के साथ अंबेडकर स्टेडियम में डटे हुए है। उन्होंने वहां से जाने से इन्कार करते हुए कहा है कि वह रात भर स्टेडियम में ही बिताएंगे।

बाबा की इस घोषणा ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के कान खड़े कर दिए है। उसे कुछ सूझ नहीं रहा है कि वह आखिर करे तो क्या करे। पुलिस के आला अधिकारी इस मसले का हल निकालने के लिए बैठकें कर रहे है। अंबेडकर स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाया गया था जहां हजारों की तादाद में बाबा के समर्थक जुटे थे। आईटीओ और दिल्ली गेट के आसपास बड़ी तादाद में लोगों का हुजूम रात तक जुटा रहा। पुलिस द्वारा बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को हिरासत से रिहा किए जाने की घोषणा के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, हम यहीं रहेगे रात भर। कहीं नहीं जाएंगे। मैंने अभी तक अपना अनशन नहीं तोड़ा है। कल इसी स्टेडियम से अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी। उधर, तमाम सियासी दलों के समर्थन और जनसमर्थन से उत्साहित रामदेव ने कांग्रेस हटाओ, देश बचाओ का नारा बुलंद किया। उन्होंने दावा किया कि संसद से लेकर सड़क तक उनका बहुमत है।

संप्रग सरकार को उखाड़ फेंकें : बाबा

नई दिल्ली,13 अगस्त, नससे. बाबा रामदेव ने लोकसभा चुनाव के 2013 में होने की संभावना जताते हुए जनता से केंद्र की संप्रग सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि उनका प्रदर्शन यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई बेईमान व्यक्ति संसद में नहीं जाए. ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए. रामदेव ने कांग्रेस पर आज सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है और उस पर सवार अन्य सहयोगी दल साथ नहीं छोड़े तो उनके डूबने की भी संभावना है.

रामदेव ने कहा कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है. लेकिन देश को भ्रष्टïाचार मुक्त कराने के लिए वह केंद्र की यूपीए सरकार को सत्ता से हटाने में पूरा सहयोग देंगे. उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वह जेल जाने के लिए तैयार हो जाएं. क्योंकि सरकार रामलीला से जनता की आवाज नहीं सुन रही है. इसलिए अब संसद भवन के बाहर जाकर आवाज उठाई जाएगी. इसके  बाद करीब सवा एक बजे के आस-पास रामदेव अपने समर्थकों के साथ संसद की ओर कृूच करने के लिए निकले. लेकिन रामलीला मैदान से कुछ दूरी पर स्थित रणजीत सिंह फ्लाईओवर पर उनको समर्थकों संग रोक लिया गया. जिसके बाद बाबा ने अपने समर्थकों सहित गिरफ्तारी दी.पिछले साल जो बाबा रामदेव गिरफ्तारी से इसलिए डर रहे थे कि उनकी जान को खतरा था आज वहीं रामदेव सिर पर काली पट्टी बांधे रामदेव समर्थकों को जोश बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहे थे .

रामदेव से अपेक्षा नहीं : गडकरी

काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के आंदोलन को समर्थन देते हुए  भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने  कहा कि उनकी पार्टी योग गुरु से राजनीतिक समर्थन की अपेक्षा नहीं रखती और उनके आंदोलन को सक्रिय समर्थन देगी। रामदेव के आंदोलन को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और भाजपा रामदेव से किसी राजनीतिक समर्थन की अपेक्षा नहीं रखती। हम भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ रामदेव के आंदोलन को सक्रिय समर्थन देंगे। राजग ने संसद में काले धन का मुद्दा उठाया है। हमने संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल को स्थगित करने के लिए मजबूर किया। हम चाहते हैं कि सरकार काले धन को वापस लाए।

कालेधन पर माया-मुलायम का एक सुर

नई दिल्ली,13 अगस्त, नससे. समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कालाधन व भ्रष्टïचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे बाबा रामदेव का नाम लिए बगैर कहा है कि कालाधन देश में वापस लाने की आवाज उठाने वाले को उनका समर्थन रहेगा.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को जो भी उठाएगा उसका सपा को समर्थन मिलेगा. सपा शुरू से ही कालेधन के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी कहा है कि जो मंच कालाधन के खिलाफ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाएगा उसको बसपा का समर्थन होगा. श्री यादव ने कहा कि इस संबंध में सदन में आवाज उठाई जा रही है. हालांकि वह केंद्र सरकार के खिलाफ कुछ बोलने से परहेज करते देखे गए. उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादा किया है उसका आकंलन वह अभी नहीं कर सकते हैं. लेकिन कोई भी शख्स या दल जिसके अंदर गरीबों के प्रति सहानुभूति होगी वह कालाधन के खिलाफ आवाज उठाएगा और इसके विरूद्ध जो भी आवाज उठाएगा उसको समर्थन दिया जाएगा.

वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि जो मंच दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाएगा उसको बसपा का समर्थन होगा. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र ने सही समय पर सही कदम पर उठाया होता तो सुप्रीम कोर्ट को बीच में टिप्पणी नहीं करनी पड़ती. सुश्री मायावती ने कहा कि कालाधन को देश में वापस लाने के लिए सभी दलों को दलगल राजनीति से ऊपर उठकर कालाधन लाने के खिलाफ कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विदेशों में इतना कालाधन है कि वह देश में आ जाए तो उससे देश की जनता को बहुत भला हो जाएगा. हालांकि उन्होंने रामदेव का नाम लिए बगैर कहा कि वह गैर राजनीतिक व्यक्ति को समर्थन देने की बात कह रही हैं इसमें किसी का नाम नहीं ले रही हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी राजनीतिक दलों से बात कर इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए.

संसद में भी हंगामा

बीजेपी सहित विपक्ष के सदस्यों ने विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के बारे में सरकार द्वारा कोई ठोस उपाय नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए आज राज्यसभा में भारी हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शून्यकाल शुरू होते ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने यह मामला उठाते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि उसने काले धन विशेष कर विदेशी बैकों में रखे गए काले धन को निकालने के लिए अब तक क्या उपाय किए हैं। विदेशों में 25 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। अगर यह धन वापस आ जाए तो हम आम लोगों की उन सारी बुनियादी जरूरतों को दूर कर सकते हैं। सरकार ने काले धन के बारे में जो श्वेत पत्र जारी किया है, उसमें इस समस्या से निबटने के लिए किसी ठोस उपाय की चर्चा नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी हताशा है। योग गुरू बाबा रामदेव कई दिनों से इस मुद्द पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है।

उन्होंने कहा कि सरकार को फौरन इस समस्या से निबटने के लिए ठोस उपायों की घोषणा करनी चाहिए तथा इस मुद्दे पर सदन में व्यापक चर्चा करानी चाहिए। उनकी ही पार्टी के रविशंकर प्रसाद ने मांग की कि सरकार को इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए। पीठासीन अध्यक्ष पी जे कुरियन ने कहा कि वह सरकार को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते और न ही वह कोई निर्देश दे सकते हैं। यह सरकार पर निर्भर है कि वह अभी या कभी भी जवाब नहीं दे। इस बीच बीजेपी के धर्मेन्द्र प्रधान सहित विभिन्न सदस्यों ने अपने स्थानों पर खडे होकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि सरकार ने काले धन से निबटने के लिए सदन के भीतर और बाहर कई बार बयान दिया है। सरकार ने भी इस बारे में एक श्वेत पत्र भी जारी किया है।

इस बारे में वित्त मंत्री ने भी एक बयान दिया है जिसमें काले धन से निबटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताया गया है। बीजेपी सदस्य अंबिका सोनी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराए जाने की मांग करने लगे। उन्हें शांत कराने का प्रयास करते हुए कुरियन ने कहा कि उन्हें चर्चा के लिए नोटिस देना चाहिए जिस पर आसन विचार करेगा।इसी बीच प्रसाद ने मांग की कि सरकार को सदन में यह घोषणा करनी चाहिए कि एक निश्चित समयसीमा के अंदर काले धन के खिलाफ कार्रवाई करेगी। हंगामे के कारण कुरियन ने दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन की बैठक फिर शुरू होने पर वही नजारा देखने को मिला। बीजेपी नेता नायडू ने कहा कि एक ओर देश जहां काले धन के मुद्दे पर सुलग रहा है, वहीं सरकार चुप्पी साधे बैठी है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री को सदन को भरोसे में लेकर इस मुद्दे से निबटने के लिए ठोस कदमों की घोषणा करनी चाहिए। नायडू ने इस बात पर भी गहरी आपत्ति जताई कि संसद का सत्र चलने के दौरान सरकार ने काले धन के मुद्दे पर सदन के बाहर क्यों बयान दिया। हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि काले धन के मुद्दे पर सरकार जो कदम उठा रही है उनके बारे में हमारी वरिष्ठ मंत्री अंबिका सोनी ने सदन को जानकारी दी है। उन्होंने सदन को फिर भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुद्दे पर खामोश नहीं बैठी है और निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो श्वेत पत्र जारी किया है, उसमें मुकदमों की जानकारी दी गई है। बीजेपी के सदस्य इस पर भी शांत नहीं हुए और नारेबाजी करते रहे। हंगामा थमते नहीं देख कुरियन ने दो-तीन मिनट के भीतर ही बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजते ही तस्वीर बिल्कुल उलट गई

अपने समर्थकों सहित रामदेव के संसद की ओर कूच करने से ठीक पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और जद-यू अध्यक्ष शरद यादव भी रामलीला मैदान पहुंचे। अन्ना आंदोलन के राजनीतिक पार्टी में तब्दील होने के बाद से ज्यादातर बड़े राजनीतिक दलों ने बाबा के आंदोलन से सुरक्षित दूरी बनाई हुई थी। लेकिन, रविवार को रामदेव के खुलकर कांग्रेस के विरोध में आने के बाद तस्वीर बिल्कुल उलट गई। राजग की ओर से सिर्फ भाजपा और जदयू ही नहीं, तेलुगु देसम पार्टी [टीडीपी] के लोकसभा सदस्य नमो नागेश्वर राव और अकाली दल के प्रतिनिधि भी मंच पर जुट गए। मंच से बताया गया कि राजग के एक और घटक दल शिवसेना की ओर से मनोहर जोशी ने भी फोन कर समर्थन किया है। यही नहीं, संप्रग को बाहर से समर्थन दे रहे दलों सपा और बसपा के प्रमुखों ने भी बाबा का समर्थन कर दिया। वामपंथी दल भाकपा के समर्थन का भी दावा किया गया है।

गडकरी ने रामलीला मैदान के मंच से कहा कि वे बाबा से किसी राजनीतिक समर्थन की उम्मीद से यहां नहीं आए हैं। उन्होंने सरकार पर सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा, कई पार्टियां हैं, जो राज्यों में इसके खिलाफ संघर्ष की बात कहती हैं। लेकिन, दिल्ली में जब उन्हें सीबीआइ की फाइल दिखाई जाती है तो वे चुप्पी साध लेती हैं। उन्होंने बाबा के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को फर्जी पासपोर्ट मामले में जेल भेजे जाने को भी केंद्र सरकार की साजिश बताया। शरद यादव ने बाबा की मांगों को जायज ठहराया, साथ ही पूर्व टीम अन्ना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, अन्ना की टीम संसद में 263 दागी सांसदों को याद करती है, लेकिन ईमानदार सांसदों को भुला देती है।

संप्रग सरकार को समर्थन दे रही सपा के मुखिया मुलायम सिंह ने एक बयान में कहा, हमारी पार्टी काले धन के खिलाफ है। जो भी काले धन को वापस लाने की मांग करेगा, हम उसका समर्थन करेंगे। बसपा प्रमुख मायावती ने भी कहा, हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चलने वाले ऐसे सभी संगठनों और मंच का समर्थन किया है। उन्होंने हालांकि इस सवाल पर चुप्पी साध ली कि बाबा के अभियान को क्या उनकी पार्टी का समर्थन है।

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