राज्यपाल द्वारा सेंट थामस कान्वेंट स्कूल के रजत जयंती का शुभारंभ

भोपाल,22 दिसंबर.राज्यपाल राम नरेश यादव ने आज यहां सेंट थामस कॉन्वेंट स्कूल के रजत जयंती और वार्षिक उत्सव के संयुक्त आयोजन को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन पथ के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण अस्त्र होता है.

शिक्षित बच्चे ही राष्ट्र का भविष्य निर्धारित करते हैं. आज के छात्र भविष्य में देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि आपका विद्यालय पिछले 25 वर्षों से देश की नई पीढ़ी को शिक्षित करने का काम कर रहा है.  यादव ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है. गरीब छात्र महंगी शिक्षा का भार ग्रहण नहीं कर पाते हैं. गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित न हों इसके लिए सरकार गरीब बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने के अवसर उपलब्ध करा रही है. निजी शिक्षण संस्थानों को भी सरकार के इस कदम में सहयोग करना चाहिए. राज्यपाल ने विद्यालयीन पत्रिका का लोकार्पण भी किया. कु. रजनी राजन को कक्षा 10 वीं में तथा कु. जूली को कक्षा 12वीं में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया. समारोह में मदर शुभराता और सिस्टर हाकिन को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार दिया गया. फादर थामस ने स्वागत भाषण दिया. इस अवसर पर विद्यालय के प्रिंसपल ज्योति एस.आई.सी, बिशप केरला, यूहानोन मार्ग, फादर थामस मालन चेरूविट डेजी थामस भी उपस्थित थे.

नैतिक पहलू से भी छात्रों को अवगत करवायें

कुलाधिपति एवं राज्यपाल राम नरेश यादव ने आज यहाँ रैगिंग रोकने के लिए राज्य स्तरीय मानीटरिंग सेल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए किये गये प्रयास संतोषजनक हैं. उन्होंने कहा कि रैगिंग का एक नैतिक पहलू भी है जो भारतीय संस्कृति तथा चरित्र से सम्बन्धित है. इस बारे में भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. हमारा यह दायित्व है कि हम विद्यार्थियों को सही दिशा में ले जायें और रैगिंग रोकने के प्रयासों के साथ साथ छात्रों को चरित्रवान बनाने की पहल भी करें.

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च और सेल के सदस्य सचिव वी.पी. सिंह ने बताया कि शैक्षणिक संस्थाओं में रैगिंग रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में विश्वविद्यालय, जिला एवं शिक्षण संस्था स्तरीय समितियाँ गठित की गई हैं. जो शैक्षणिक संस्थाओं में रैगिंग पर पूर्णत: अंकुश लगाना और जीरो टालरेंस पालिसी को अमल में लाने के लिए कार्यवाही कर रही है. उन्होंने बताया कि समन्वित कोशिशों का सुफल है कि प्रदेश में रैगिंग का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है. बैठक में समीक्षा और सदस्यों के सुझावों के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि सभी विश्वविद्यालय, जिला एवं संस्था स्तरीय रैगिंग निरोधक समितियों को सक्रिय किया जाए. रैगिंग रोकने हेतु पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाए. रैगिंग निरोधक दस्तों द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों का अचानक निरीक्षण किया जाए. छात्रावासों में पूर्णकालिक वार्डन नियुक्त किये जायें.

नए प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों के लिए छात्रावास में पृथक खण्ड की व्यवस्था की जाए. कैंटीन एवं अशैक्षणिक स्टाफ को जागरूक किया जाए. रैगिंग निरोधक समितियों को यूथ सोसायटी, स्वंयसेवी और समाज सेवी संस्थाओं एवं अन्य समितियों से जोड़ा जाए. सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर रैगिंग निरोधक समिति की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए. विश्वविद्यालय के कुलपतियों, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों तथा अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा दौरे किए जाएं.

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