चौबीस घण्टों में हुई 15 सेमी बारिश, अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल,6 अगस्त, नभासं. राजधानी भोपाल में रविवार से हो रही लगातार कभी धीमी तो कभी तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है.राजधानी के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक सौ से ज्यादा झुग्गियां बह गई हैं तथा कलेक्टर कार्यालय सहित अनेक निचली बस्तियों में पानी भर गया है.

जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार पिपलानी थाना क्षेत्र में एक बरसाती नाले में आई बाढ़ से करीब 120 झुगियां बह गई लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है. इधर,कलेक्टर कार्यालय के कई कमरों में भी पानी भर गया है. इसके अलावा उडिय़ा बस्ती बाग सेवनिया कोलार रोड बाग मुगलिया पंजाबीबाग मधुबन बस्ती सिंधी कालोनी शाहपुरा पुराने सेफिया कालेज कालिका बस्ती सहित नगर की दो दर्जन से अधिक बस्तियां में दो से तीन फीट पानी भर गया है. इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में पेडों के गिरने की भी जानकारी है.

नगर निगम के बाढ़ बचाव दल एवं फायर बिग्रेड के कर्मचारी बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं.मौसम विभाग के अनुसार आज सुबह समाप्त हुये पिछले चौबीस घंटों में भोपाल में 15 सेमी बारिश हुई है और बारिश अभी थमी नहीं है.उधर,राजधानी के जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नगर के अवधपुरी और सौम्य विहार इलाके की निचली बस्तियों में कुछ मकानों में पानी भरने की सूचनाएं हैं. गोविंदपुरा थाने के पास स्थित चालीस क्वाटर में भी अनेक मकानों में बारिश का पानी भर गया है.

नियंत्रण कक्ष के मुताबिक शाहपुरा क्षेत्र में भी कुछ इलाकों में पानी भरने की सूचना पर प्रशासनिक दल पहुंचा और पानी निकालने के प्रयास किए. नगर में कुछ स्थानों पर पेड गिरने की सूचनाएं भी हैं. शहर से लगे मिसरोद इलाके में होशंगाबाद मार्ग पर नाले पर बने रपटे के ऊपर से पानी गुजरने के कारण यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित रहा. शहर में पिछले 24 घंटों के दौरान 15 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गयी.इस प्रकार भोपाल में अब तक औसत से अधिक बारिश और बैरागढ़ में अब तक 620 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 13 मिमी अधिक है.

मुख्यमंत्री ने की अतिवर्षा की समीक्षा पहुँचे मंत्रालय

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में जिला कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर अतिवर्षा से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली.चौहान मथुरा-वृंदावन प्रवास के लौटने पर सीधे मंत्रालय पहुंचे. उन्होंने मुख्य सचिव आर. परशुराम एवं संबंधित सचिवों की बैठक बुलाई और अतिवर्षा वाले जिलों में उत्पन्न स्थिति के संबंध में चर्चा की. उन्होंने जिला कलेक्टरों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए. चौहान ने कलेक्टरों से कहा कि जान-माल के नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र में व्यापक परिवर्तन किये गये हैं. इनका उपयोग कर प्रभावितों को ज्यादा से ज्यादा राहत राशि उपलब्ध करायें. उन्होंने कलेक्टरों को अगले 24 घंटों में वर्षा पूर्वानुमान के आधार पर अपने-अपने जिलों में बचाव और राहत की तैयारी रखने निर्देश दिये.

प्रदेश के 10 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा

एक जून, 2012 से 6 अगस्त, 2012 तक प्रदेश के 10 जिलों में सामान्य से अधिक, 28 जिलों में सामान्य एवं 12 जिलों में कम वर्षा हुई है. यह जानकारी मौसम विभाग भोपाल द्वारा दी गई है. होशंगाबाद में तवा बाँध के 13 गेट खोलने के कारण नर्मदा नदी के सेठानी घाट का जल-स्तर 965 फीट हो गया है, जिसके कारण निचली बस्तियों के प्रभावित लोगों के लिये 4 राहत शिविर खोले गये हैं.मौसम विभाग द्वारा बताया गया है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है.

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