भोपाल, 5 सितंबर,शहला मसूद हत्याकांड की जांच कर रहा सीबीआई का दल सोमवार को कोहेफिजा थाना प्रभारी व अन्य स्टाफ को साथ लेकर शहला के घर पहुंचा. वहां पर सीबीआई टीम ने नये तरीके से छानबीन शुरू कर दी है.

सीबीआई पुलिस फोरेंसिक विशेषज्ञ टीम को लेकर शहला के घर पहुंची और उसके परिवार के सदस्यों से अलग-अलग मिलकर पूछताछ की. इसके बाद नौकरानी से कई बिन्दुओं पर पूछताछ करने के उपरांत शहला का कमरा खुलवाया. वहां से कुछ कागजात एवं फाइलें और मोबाइल फोन के कॉल डिटेल एकत्रित किये. इधर सीबीआई की फारेंसिक टीम ने शहला की कार जिसमें उसकी हत्या हुई थी, उसकी बारीकी से जांच-पड़ताल की. साथ ही कार की स्टेपनी के नीचे छुपे हुये दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया. इस तरह से सीबीआई टीम ने शहला मसूद हत्याकांड की उलझी गुत्थी को सुलझाने हेतु नये सिरे से जांच-पड़ताल का प्रारंभिक दौर समाप्त किया.

इस जांच-पड़ताल के समय सीबीआई टीम के साथ सीबीआई के डीआईजी हेमंत प्रियदर्शी, एस.पी. हतेंद्र कोयल, कोहेफिजा के थाना प्रभारी धर्मेन्द्र ङ्क्षसह तोमर सहित थाने का स्टाफ उपस्थित था. सीबीआई टीम शहला हत्याकांड के तथ्यों को एकत्रित कर अपनी रिपोर्ट दिल्ली में सौंपेगी. सीबीआई इस हत्याकांड में कुछ भाजपा नेताओं एवं नौकरशाह अफसरों से भी आगामी समय में तथ्यों की वास्तविकता खंगालने हेतु पूछताछ कर सकती है.

शहला की हत्या का कारण आरटीआई के तहत जानकारी एकत्रित करना भी हो सकता है. क्योंकि शहला ने छतरपुर जिले में हीेरे की खदानों के सर्वे के पर्दे में अवैध उत्खनन के संबंध में जानकारी हासिल करना चाही थी. उक्त उत्खनन मामले में ठेकेदार और वन विभाग के अफसर को जानकारी मांगे जाने के प्रति नाराजगी थी. यहां दक्षिण अफ्रीका की एक कम्पनी रायल ङ्क्षपटो को म.प्र. शासन ने स्थानीय ठेकेदार के माध्यम से हीरे की खदानों के सर्वेक्षण का दायित्व सौंपा था.
उक्त सर्वेक्षण के दौरान अवैध उत्खनन किया जा रहा था. इस बारे में शहला ने आरटीआई के अंतर्गत वन विभाग से जानकारी मांगी तो वन विभाग के नौकरशाह जानकारी देने में टालमटोल का रवैया अपना लेंगे. शहला के परिवार वालों को संदेह है कि उक्त जानकारी मांगने के पीछे भी हत्या का कारण होने की संभावना है.

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