• पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी

खरगोन, 17 फरवरी. कसरावद विधानसभा क्षेत्र के विधायक आत्माराम पटेल की 1 फरवरी को पानवा से शुरु हुई विकास यात्रा के समापन पर सगुर-भगुर में बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया. विवाद ने इतना उग्र रूप धारण कर लिया कि आमने-सामने हुई पत्थरबाजी को रोकने के लिए पुलिस को अश्रु गैस के गोले छोडऩे पड़े. स्थिति को देखते हुए ग्राम में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे ग्रामीणों के बीच भय और दहशत का माहौल है. विवाद के चलते बताया जाता है कि एसडीएम के वाहन को भी क्षति पहुंची है.

स्थिति को भांपते हुए भाजपा और कांगे्रस के वरिष्ठ नेताओं ने सगुर-भगुर में अपना डेरा जमा लिया. हालांकि इस पूरे मामले में कांगे्रस, भाजपा पर और भाजपा, कांगे्रस पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं लेकिन ग्राम पटेल मदनमोहन पटेल और विधायक आत्माराम पटेल के बीच हुई सुलह के बाद दोनों ने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच जो गलत फहमियां हो गई थीं, उसे दूर करते हुए हम गले मिलते हैं. एक फरवरी को पानवा से शुरू हुई कसरावद विधानसभा की विकास यात्रा का समापन शुक्रवार को सगुर-भगुर में होना था. जैसे ही यात्रा सगुर-भगुर पहुंची, यात्रा के मार्ग पर एक घर में शादी समारोह चल रहा था. ग्रामीणों की मानें तो उसी मार्ग से विकास यात्रा को निकालने की जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं और लड़की पक्ष वालों के बीच कहासुनी हो गई. लड़की के पिता राजीव यादव का कहना था कि उनके घर बारात आ चुकी है, आप विकास यात्रा अन्य रास्ते से निकाल लें. लेकिन विधायक के साथ कार्यकर्ता उसी रास्ते से विकास यात्रा निकालने पर अड़े रहे. विवाद के बाद हुई सुलह में यहां से विकास यात्रा अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ गई.

समापन स्थल पर भी हुआ पथराव

विकास यात्रा के समापन स्थल पर भी पथराव की नौबत आई. कांगे्रस के लोगों का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, जबकि भाजपा का कहना है कि कांगे्रस की ओर से पथराव हुआ है. लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार समापन स्थल पर भी पथराव हुआ, जिससे कुछ लोगों को चोटें आई हैं. कार्यकर्ताओं के आमने-सामने होने पर पुलिस को अश्रु गैस के गोले छोडऩे पड़े. मौके की नजाकत को भांपते हुए कलेक्टर डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, पुलिस अधीक्षक एसपीसिंह, एसडीओपी सोनाली दुबे, तहसीलदार आदि भी मौका स्थल पर पहुंच गए थे.

कांग्रेस-भाजपा नेताओं का जमावड़ा

विवाद के बाद कांगे्रस जिलाध्यक्ष झूमा सोलंकी, सचिन यादव, जनपद अध्यक्ष अजमेरसिंह रावत, तोताराम महाजन, माधव पटेल, मनोज बार्चे, दिनेश यादव, अनिल पटेल, संजय पटेल और भाजपा की ओर से जिलाध्यक्ष राजेंद्र यादव सहित वरिष्ठ नेता समझाने का प्रयास कर रहे थे.

कन्या भोज का आयोजन भी था

विकास यात्रा के समापन अवसर पर स्कूली कन्याओं के लिए कन्या भोज भी रखा गया था, जिसमें स्कूली डे्रस में बच्चियों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया था. बताया जाता है कि आयोजन में शामिल होने के लिए विधायक पटेल ने स्कूल प्रबंधन और बच्चियों के अभिभावकों से सहमति नहीं ली थी.

कर्जमाफी मुद्दे पर हुआ विवाद

बताया जाता है कि विकास यात्रा समापन के अवसर पर कार्यकर्ताओं के साथ पैदल चल रहे विधायक आत्माराम पटेल से जब ग्रामीणों ने 50 हजार रुपए के कर्जमाफी मुद्दे पर चर्चा की तो विधायक का कहना था कि यह घोषणा जरूर की गई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने 3 प्रतिशत की बजाय एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की घोषणा नहीं की थी, बिना घोषणा के प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कृषि ऋण एक प्रतिशत की ब्याज दर पर मुहैया कराया है.

यहां तक कि गेहूं पर 100 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की बात भी प्रदेश सरकार के एजेंडे में नहीं थी फिर भी किसानों के हित में बोनस दिया जा रहा है। क्या प्रदेश सरकार की यह बड़ी उपलब्धि नहंी है फिर 50 हजार रुपए का कर्जमाफी मुद्दा कहां ठहरता है। इसी बीच कहीं से पथराव की शुरुआत हो गर्ई, जिससे वहां मौजूद ग्रामीण घनश्याम यादव को सिर में चोट आई और स्थिति बिगड़ती चली गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल पर वज्र वाहन के साथ पुलिस बल तैनात कर दिया।

इनका कहना है

विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
– सोनाली दुबे, एसडीओपी

समझौता किसी प्रकार का नहीं हुआ है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जाएगी।
– राजेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष

विकास यात्रा के नाम पर ग्रामीणों में दहशत फैलाने के लिए भाजपा के लोग गुंडों की भरमार लेकर आए थे। सगुर-भगुर में विकास यात्रा के समापन पर जो भी हुआ उसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
– अजमेरसिंह रावत, कांग्रेस नेता और जनपद अध्यक्ष भीकनगांव

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