“भूकंप के बाद बरसी आसमानी आफत”

बड़ी संख्या में लोग फंसे, राहत और बचाव कार्य बाधित, सिक्किम में 39, बिहार में 12 और प. बंगाल में 7 मरे

गंगटोक, 19 सितंबर. भूस्खलन और तेज बारिश के चलते  सिक्किम में राहत और बचाव का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 39 तक पहुंच गई है।  बिहार में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में 7 के काल कवलित होने की जानकारी मिली है।

भूकंप ने तोड़ी महाराष्ट्र की नींद
भूकंप के झटकों का सिलसिला सोमवार सुबह भी जारी रहा। महाराष्ट्र के लातूर और परभणी जिलों में सोमवार सुबह भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.9 मापी गई।

मेघालय में आज भी झटका
शिलाग. देश के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के कुछ इलाकों में सोमवार दोपहर भी भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4. 3 मापी गई।

दो-दो लाख की सहायता
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि और गंभीर तौर पर घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। आपरेशन मदद
सेना ने गंगटोक तथा अन्य इलाकों में 2,000 से अधिक जवानों को तैनात किया है और आपरेशन मदद शुरू कर दिया है।  सेना के 44 कॉलम काम कर रहे हैं वहीं प्रदेश के पूर्वी जिले में भी 15 कॉलम लगे हुए हैं। दार्जीलिंग और कालिमपांग के लिए भी दलों को रवाना किया जा रहा है।

बिहार में 7 की मौत
बिहार में विभिन्न स्थानों पर 10 सेकंड से अधिक समय भूकंप के झटके महसूस आए. यहां 7 लोगों की मौत हो गई।

प. बंगाल में 6 की मौत
उत्तरी बंगाल के भूकंप प्रभावित इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से बचाव कार्य बाधित हो गया। दार्जिलिंग पहाडिय़ों के कई इलाकों में बारिश और भूस्खलन के कारण 6 लोग मारे गए और सड़क यातायात बंद हो गया।

नेपाल और चीन भी कांपा
भूकंप नेपाल और चीन में भी भारी तबाही हुई है। नेपाल में 20, तिब्बत में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हो गए।

10 दिन पहले हिले थे दिल्ली-एनसीआर
गौरतलब है कि करीब 10 दिन पहले दिल्ली -एनसीआर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। इसका केंद्र दिल्ली बॉर्डर से सटे सोनीपत में था। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के सीसमीक मैप के अनुसार, दिल्ली को हाई रिस्क जोन 4 में रखा गया है।

बाल-बाल बचे प्रदेश के विधायक
सीधी.   म.प्र. विधानसभा की प्राक्कलन समिति के 15 सदस्यीय दल जिनमें आठ से अधिक सदस्य भूकंप से बाल-बाल बच गए.
गौरतलब है कि विधानसभा की प्राक्कलन समिति इन दिनों असम सहित विभिन्न प्रान्तों के दस दिवसीय अध्ययन दौरे पर है. समिति के  सभापति सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राक्कलन समिति अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार न्यू जलपाईगुडी से गंगटोक रवाना हुई. आधी दूरी तय करने के पश्चात तेज बारिश के चलते मार्ग अवरुद्व हो जाने से समिति को अपना निर्धारित यात्रा मार्ग परिवर्तित कर दार्जिलिंग होते हुये गंगटोक जाने का निर्णय लेना पड़ा. दार्जिलिंग पहुंचते भूकंप की जानकारी मिली और आगे की यात्रा स्थगित कर दी गई.  श्री शुक्ल एवं अध्ययन दल में शामिल विधायकगणों में महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा, यादवेन्द्र सिंह, अभय मिश्रा, डॉ. प्रभुराम चौधरी, राकेश शुक्ल, बृजमोहन धूत, पारसचन्द्र जैन एवं बालाराम बच्चन आदि शामिल थे.

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