वाशिंगटन, 20 मई.  विश्व की आठ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि कर्ज में डूबा हुआ यूनान यूरो क्षेत्र में ही बना रहे. इन नेताओं ने यूरोपीय ऋण संकट के मद्देनजर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को फिर से बल देने के लिए आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई.

जी-8 के नेताओं ने कैंप डेविड बैठक से जारी एक बयान में कहा, ‘हम मजबूत और एकजुट यूरो क्षेत्र के महत्व पर सहमत हैं और हम यूनान की प्रतिबद्धताओं का सम्मान करते हुए उसके यूरो क्षेत्र में रहने के मुद्दे पर अपने हित की पुष्टि करते हैं.Ó बयान में कहा गया है, ‘यूरो क्षेत्र के लचीलेपन और यूरोप में विकास को मजबूती के विशिष्ट उपायों में हम सभी का हित है.’ हालांकि नेताओं ने स्वीकार किया, ‘सही उपाय हम सभी के लिए एक नहीं हैं.’ यूनान में अनिर्णायक चुनाव के बाद उसका यूरो क्षेत्र से संभावित रूप से बाहर जाने का मुद्दा एजेंडे में सबसे ऊपर था. फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, जापान, कनाडा और रूस के नेता अमेरिका के कैंप डेविड में आयोजित इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

ईरान पर बढ़ाया दबाव- ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए विश्व के आठ सबसे आर्थिक शक्तिशाली देशों के समूह जी-8 के नेताओं ने उसे अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मुद्दों को तेजी से सुलझाने को कहा है. जी-आठ देशों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि ईरान पर तेल निर्यात प्रतिबंध के बावजूद देशों को कच्चे तेल की समय पर आपूर्ति होगी. जी-आठ देशों ने अपने कैंप डेविड घोषणा पत्र में सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान की समाधान योजना का भी समर्थन किया है और उत्तर कोरिया को उकसावे की कार्रवाई से बाज आने की चेतावनी दी है. सम्मेलन में शामिल नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रीस को यूरोजोन में बने रहना चाहिए. ईरान पर प्रतिबंधों के मद्देनजर जी-आठ नेताओं ने कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधाओं से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा होगा. संयुक्त बयान में कहा गया तेल बिक्री में आगे बाधाएं पैदा होने की आशंका व आगामी महीनों में मांग बढऩे की संभावना को देखते हुए हम स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं. हम तेल की समय पर व पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी से आग्रह करने को तैयार हैं.

दो भारतीयों ने चर्चा में लिया भाग- सम्मेलन के दौरान दोपहर के भोजन पर चर्चा में भारतीय मूल के दो अमेरिकियों राज शाह और इंद्रा नूयी ने हिस्सा लिया. दोनों उन विशेष अतिथियों में शामिल थे, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आमंत्रित किया था. शाह युनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट [यूएसएड] के प्रशासक हैं और नूयी पेप्सिको कंपनी की चेयरमैन हैं. उन्हें शनिवार को अफ्रीकी नेताओं के साथ चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था.

Related Posts: