बुलंदशहर, 12 दिसंबर. भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन को उनके समर्थकों ने एक अलग अंदाज में समर्थन दिया है। यह लोग नोटों के जरिये राजनीतिज्ञों के खिलाफ अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों से 10, 50 और 500 रुपये के नोटों पर बने खाली स्थानों पर नेताओं के खिलाफ लिखे संदेश नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में इन नोटों का आदान – प्रदान हो रहा है। एसपी, सिटी गंगानाथ त्रिपाठी ने कहा कि करेंसी नोटों पर कुछ भी लिखना दंडनीय अपराध है। पुलिस पता करने की कोशिश कर रही है कि यह अभियान किसने शुरू किया। उन्होंने बताया कि खुफिया विभाग को जांच सौंप दी गई है। बुलंदशहर और अलीगढ़ जिलों में 10 से लेकर 50 और 500 के नोटों पर मोहर लगी आ रही है। इन नोटों पर लिखा है- नेताओं को जूते मारो दिन में तीन बार… । स्थानीय दुकानदार सुनील पंडित ने बताया कि उनके पास ऐसे कई नोट आए हैं जिन पर इस तरह का स्लोगन लिखा हुआ है। स्लोगन लिखे नोटों को कोई भी कस्टमर नहीं ले रहा है।

उधर, केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने अन्ना हजारे को सुपारीबाज कह कर एक नए विवाद को जन्म दिया है। राहुल गांधी की मौजूदगी में बेनी ने आरोप लगाया कि अन्ना ने राहुल की राजनीतिक राह रोकने की सुपारी ली है। इसके पीछे बीजेपी है। बेनी ने कहा कि जब मुंबई ब्लास्ट हुआ था, तो अन्ना कहां थे। वहीं, दूसरी ओर जनलोकपाल बिल को लेकर लखनऊ के समाजसेवियों ने अन्ना का समर्थन करते हुए रविवार को झूलेलाल पार्क में अनशन शुरू कर दिया है। अन्ना समर्थकों का कहना था कि पूरा देश अन्ना के साथ खड़ा है। केंद्र सरकार की ओर से लोकपाल बिल का मसौदा महज छलावा है।

ट्रैफिक पुलिस अन्ना का काट सकती है चालान

अन्ना हजारे से भी रविवार को एक भूल हुई और जाने अनजाने में उन्होंने ट्रैफिक कानून का उल्लंघन कर दिया। दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी में सफर करते वक्त अन्ना और उनके ड्राइवर ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इस मामले में वह अन्ना और उनके ड्राइवर का चालान काट सकती है। अन्ना रविवार को जंतर मंतर पर एक दिन का अनशन करने के लिए सुबह महाराष्ट्र सदन से इनोवा टैक्सी में निकले। यूपी के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली इस टैक्सी से अन्ना पहले राजघाट गए और वहां से जंतर मंतर आए। पर किसी जगह दोनों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई। यहां तक कि अनशन खत्म होने के बाद शाम को जब अन्ना जंतर मंतर से निकले, तब भी उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई। जॉइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) सत्येंद्र गर्ग ने कहा कि उन्हें इस बारे में सूचना मिली है और अगर कोई इस संबंध में शिकायत देकर विडियो फुटेज, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर या ऐसा कोई फोटो ट्रैफिक पुलिस को मुहैया कराता है, तो ट्रैफिक पुलिस उनका चालान कर सकती है। गौरतलब है कि दिल्ली में बिना सीट बेल्ट लगाए ड्राइविंग करना या गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठना ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के दायरे में आता है। सीट बेल्ट नहीं पहनने वाले का 100 रुपये का चालान कटता है।

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