सोने की कीमतें नित नई ऊंचाई छू रही हैं। हाजिर खरीदारों को सोने में इस स्तर पर गिरावट आने की उम्मीद है, इसलिए वे सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाने वाले सोने में निवेश के प्रति उत्साह नहीं दिखा रहे हैं।

पुराने गोल्ड ज्वैलर्स जैसे त्रिभुवनदास भीमजी जवेरी (टीबीजेड) और ओम ज्वैलर्स ने दैनिक कारोबारी मात्रा में भारी गिरावट दर्ज की है। हालांकि आवश्यकता आधारित और शुभ अवसरों पर होने वाली बिक्री अभी जारी है। लेकिन इससे स्वर्ण आभूषण निर्माताओं की औसतन 40-45 फीसदी बिक्री ही हो रही है।

टीबीजेड के अधिकारी ने बताया कि हमारी दैनिक बिक्री ग्राम के लिहाज से घटी है, क्योंकि ग्राहकों को कीमतों में गिरावट का इंतजार है। इसके साथ ही पिछले कुछ सप्ताह में आने वाले ग्राहकों (फुटफॉल) की तादाद में भी भारी गिरावट आई है। हालांकि सोने की कीमतों में तेजी की वजह से कीमत के लिहाज से बिक्री में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
गुरुवार को स्टैंडर्ड सोने ने नया शिखर छुआ और यह 26,195 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसमें अपने पिछले बंद 25,805 रुपये प्रति 10 ग्राम से 1.5 फीसदी यानी 390 रुपये की बढ़ोतरी रही। वहीं शुद्ध सोना भी गुरुवार को चढ़कर 26,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो बुधवार को  25935 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज की कॉमेक्स डिवीजन पर सोने के अक्टूबर वायदा ने 1784.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार किया। एक्सचेंज के कीमतों को कम करने के लिए मार्जिन बढ़ाने से इसमें 0.34 फीसदी गिरावट रही। हालांकि हाजिर बाजार में सोने ने 1815.65 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया। यह पिछले आठ सत्रों में सातवां सर्वोच्च स्तर है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी द्वारा अमेरिका की साख रेटिंग घटाने से अन्य परिसंपत्तियों में निवेश जोखिमभरा हो गया है, जिससे निवेशकों का पीली धातु की ओर रुझान बढ़ा है।
रिद्धि-सिद्धि बुलियन लिमिटेड के निदेशक केतन कोठारी ने कहा कि ‘अब डॉलर और यूरो में निवेश को जोखिमभरा माना जा रहा है। इसलिए चिंतित निवेशक अपनी धन को सोने और चांदी में लगा रहे हैं।

गोल्डमैन सैक्स ने 3 महीने, 6 महीने और 12 महीने के सोने वायदों के पूर्वानुमानों को बढ़ाकर क्रमश: 1645 डॉलर प्रति औंस, 1730 डॉलर प्रति औंस और 1860 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, क्योंकि इसका मानना है कि लंबे समय तक अमेरिकी ब्याज दरें कम रहेंगी। पिछले  पूर्वानुमान 1565 डॉलर, 1635 डॉलर और 1730 डॉलर प्रति औंस थे।
मुंबई स्थित एक रिसर्च फर्म बी एन वैद्य ऐंड एसोसिएट्स में विश्लेषक भार्गव वैद्य ने कहा कि भारत और चीन क्रमश: विश्व के पहले और दूसरे सबसे सोने के उपभोक्ता हैं, इनमें सोना वायदा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

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