नई दिल्ली, 6 दिसंबर. टेलिकॉम मिनिस्टर कपिल सिब्बल ने साफ किया है कि इंटरनेट कंपनियों ने आपत्तिजनक कॉन्टेंट पर रोक लगाने की सरकार की अपील अनसुनी कर दी है और इसलिए अब सरकार खुद इस दिशा में जरूरी कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी जरूरी होगा किया जाएगा, लेकिन सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स और अन्य किसी भी प्लेटफॉर्म पर ऐसे कॉन्टेंट डाले जाने पर हर हाल में रोक लगाई जाएगी.

गौरतलब है कि सरकार ने गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट और याहू के अधिकारियों से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मोहम्मद पैगंबर से जुड़ी कथित अपमानजनक, गलत और भड़काने वाली सामग्रियों को हटाने के लिए कहा था. सरकार ने यह भी कहा था कि इन वेबसाइट्स के प्रबंधन ऐसी कोई व्यवस्था करें जिससे ऐसे कंटेंट यहां न डाले जा सकें. मिली जानकारी के मुताबिक सिब्बल से मुलाकात करने वाले गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और याहू के अधिकारियों ने इस मामले में कोई वादा नहीं किया. इन अधिकारियों ने यह जरूर कहा कि अगर कोई खास शिकायत की जाती है तो वह उस पर ध्यान देंगे. लेकिन, आम तौर पर कॉन्टेंट कंट्रोल की व्यवस्था वे नहीं कर सकते.

मंगलवार को सिब्बल के साथ इन इंटरनेट कंपनियों के अधिकारियों की बैठक की खबर मीडिया में आने के बाद सिब्बल भी मीडिया के सामने यह मसला ले आए. उन्होंने साफ किया सरकार न तो अभिव्यक्ति की आजादी में कोई खलल डालना चाहती है और न फेसबुक, गूगल वगैरह पर लगाम कसना चाहती है. उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले सरकार की जानकारी में इंटरनेट की इन साइटों पर डाली गई ऐसी सामग्री पर गई जिसे कोई भी पहली नजर में आपत्तिजनक कहेगा. उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री धार्मिक शख्सियतों के खिलाफ भी थी. इसलिए इन सोशल नेटवर्किंग साइट्स के अधिकारियों से संपर्क किया गया. उन्होंने कहा कि पहले इन लोगों के ध्यान में वे मैटर लाकर इन्हें ही हल निकालने को कहा गया. मगर, इन्होंने कोई हल नहीं निकाला. इसलिए अब सरकार ही कोई हल निकालेगी. उन्होंने कहा कि सरकार क्या करेगी, इस बारे में वह फिलहाल कुछ नहीं कह सकते, लेकिन किसी भी हालत में ऐसे मैटर पब्लिक प्लेटफॉर्म पर डालने की इजाजत नहीं देगी.

थरूर ने बदला स्टैंड
इस बहस के शुरू होते ही इसके पक्ष और विपक्ष में लोगों का बोलना शुरू हो गया. पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने इस विवाद पर भी अपना स्टैड दो घंटे के अंदर बदल लिया. सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरत बाद उन्होंने ट्वीट किया कि कपिल सिब्बल ने जो कुछ कहा है, उस बारे में कुछ भी कहने से पहले वह सिब्बल से बात करेंगे, लेकिन फिर भी उन्होंने इतना जरूर कहा कि मैं सेंसरशिप के खिलाफ हूं. मगर, थोड़ी ही देर बाद थरूर ने दोबारा ट्वीट किया. अब उनका कहना था कि  सिब्बल से बात करने के बाद स्थिति साफ हुई और मैं सिब्बल का पूरी तरह समर्थन करता हूं.

फेसबुक ने रखा पक्ष

फेसबुक ने कहा है कि इस मुद्दे पर वह सरकार का पक्ष समझता है और वह ऐसे सभी कॉन्टेंट हटा देगा जो समझौते का उल्लंघन करते हैं. फेसबुक ने कहा आपत्तिजनक कॉन्टेंट को लेकर उसकी नीति पहले से ही लागू है. जो भी कॉन्टेंट उसके प्लेटफॉर्म पर डाला जाता है उसमें कुछ भी आपत्तिजनक पाने पर उसे आपत्तिजनक करार दिया जा सकता है. यह काम कोई भी यूजर कर सकता है. जब कोई यूजर उसे आपत्तिजनक बताता है तब साइट से जुड़े कर्मचारी उस आपत्ति पर विचार करते हैं और सही पाए जाने पर उसे हटा देते हैं. फेसबुक ने कहा कि आगे भी इस तरह से आपत्तिजनक पाए जाने वाले कंटेंट को हटाना जारी रखा जाएगा.

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