नयी दिल्ली, 6 दिसंबर, नससे राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के निर्णय को वापस लेने की मांग दोहराते हुये आज कहा कि केंद्र की संप्रग सरकार का यह निर्णय विदेशी कंपनियों के लिये तोहफा है जिसके कारण देश के उद्योग और कृषि व्यवसाय चौपट हो जायेगे.

श्री जेटली ने एफडीआई के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुये आरोप लगाया कि संप्रग सरकार ने जनता में तो इस फैसले से साख गंवा ही दी है और निर्णय लेने को लेकर अपनी साख चौपट कर दी है. यही नहीं इस मुद्दे पर संप्रग में खुद भी गहरे मतभेद हैं. उन्होंने एफडी आई के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी की ओर से अभी तक कोई राय नहीं व्यक्त करने के लिये कडी आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से देश के बीस करोड़ से ज्यादा लोगों पर बुरा असर पडेगा जो खुदरा व्यापार से अपनी रोजी रोटी कमा रहे हैं.

फैसला विपक्ष से सलाह के बाद : प्रणव
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर संसद में चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार ने सोमवार को विपक्ष से कहा कि फिलहाल इस फैसले को रोका जाएगा और कोई भी अंतिम फैसला सलाह मशविरे के बाद ही किया जाएगा. विपक्ष ने कहा कि वह फैसले पर केवल रोक लगाने से संतुष्ट नहीं है और इसे पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए. सरकार और विपक्षी दलों की बैठक सात दिसंबर को सुबह होगी जिस दौरान फैसले के बारे में औपचारिक जानकारी दी जाएगी और संसद सत्र में कामकाज शुरू करने की रणनीति पर चर्चा होगी जो पिछले दो हफ्तों से नहीं हो सका है.

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